हरियाणा के तीन लाख सरकारी कर्मचारियों और दो लाख पेंशनर्स को 18 महीने से डीए नहीं मिला है। इससे दोनों वर्गों को अब तक 3500 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। कोरोना के कारण प्रदेश सरकार ने केंद्र की तर्ज पर जनवरी 2020 से जून 2021 तक कर्मियों, पेंशनर्स को महंगाई भत्ता (डीए) की तीन किस्तें नहीं दी। पहली जुलाई 2021 से डीए देने की प्रक्रिया शुरू होनी थी लेकिन अभी तक उस पर भी कोई निर्णय नहीं हुआ है।
यही नहीं, ब्लाक वर्ष 2016-19 की एलटीसी भी कर्मचारियों को अब तक नहीं मिली। इसके विरोध में कर्मचारी 15 जुलाई को प्रदेश भर में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। प्रदेश सरकार की वित्तीय स्थिति कोरोना के कारण बिगड़ी है, इसलिए सरकार फिलहाल कर्मचारियों को डीए देने की स्थिति में नहीं दिख रही।
महंगाई भत्ते की एरियर सहित बहाली की कर्मचारी, पेंशनर्स लंबे समय से मांग करते आ रहे हैं। सर्व कर्मचारी संघ लगातार इस मुद्दे को उठा रहा है, लेकिन सरकार की तरफ से कोई प्रक्रिया नहीं आई। संघ ने एक बार फिर जनवरी 2020 से रोके गए महंगाई भत्ते, एलटीसी बहाली, पुरानी पेंशन नीति लागू करने और ठेका प्रथा समाप्त कर कच्चे कर्मियों को पक्का करने के आग्रह के साथ सरकार को आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
15 जुलाई के प्रदर्शन की तैयारियों में जुटा संघ
संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी ने बताया कि मंगलवार को सैकड़ों टीमों ने 15 जुलाई के प्रदर्शन के लिए जनसंपर्क अभियान चलाया। विभागों में गेट मीटिंग की। कर्मचारियों से प्रदर्शनों में शामिल होने का आह्वान किया गया। कर्मचारियों में डीए, पुरानी पेंशन बहाली न होने व कच्चे कर्मियों की छंटनी को लेकर रोष है।
प्रदर्शन में ये मुद्दे भी उठाएगा संघ
सर्व कर्मचारी संघ प्रदेश भर में प्रदर्शनों के दौरान स्वास्थ्य विभाग में आबादी व वर्कलोड के हिसाब से खाली पदों को भरने का मुद्दा भी उठाएगा। इसके साथ ही कर्मचारी सेना के लिए असलाह बनाने वाली 41 आर्डनेंस फैक्ट्रियों को तोड़कर 7 निगमों में बांटने का विरोध करेंगे। आर्डनेंस फैक्ट्रियों को तोड़ने के निर्णय के खिलाफ 26 जुलाई से हड़ताल पर जा रहे 74 हजार कर्मचारियों का समर्थन करने का निर्णय भी संघ ने लिया है।