बैठक में तय किया गया कि राजेश शर्मा के परिवार को पर्याप्त मुआवजा और बड़े बेटे को नौकरी की मांग रखी जाएगी। इसके अलावा करीब 600 से ज्यादा ऑपरेटरों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है, वेतन की मांग भी रखी जाएगी। बताया जा रहा है कि वेतन न मिलने से राजेश शर्मा की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई थी। ऐसे में उनको हार्ट अटैक आ गया और पांच दिन पहले उनकी मौत हो गई। परिवार अंतिम संस्कार कर आ रहा था तो छोटे बेटे रुद्राक्ष के ऊपर पेड़ की टहनी गिर गई। चार दिन तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उसकी भी मौत हो गई।
अधिकारियों का कर्मचारियों के प्रति बेरुखी वाला रवैया
बैठक में मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों का कर्मचारियों के प्रति बेरुखी वाला रवैया है। कर्मचारियों के समर्थन में सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी, बीजेपी पार्षद कंवर राणा , पूर्व मेयर राजेश कालिया भी पहुंचे। सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी और कंवर राणा ने कर्मचारियों से कहा कि यह मुद्दा 30 मई को होने वाले सदन में उठाया जाएगा। सदन में यह तय हुआ था कि ऑपरेटरों के लिए कमेटी बनेगी और वह इनके आगे की नियुक्ति पर फैसला लेगी। अब तीन महीने से वेतन नहीं मिल रहा है, दूसरी तरफ कमेटी भी नहीं बनी। ऐसे में 600 से ज्यादा ऑपरेटरों के भविष्य पर फैसला नहीं हो पा रहा है।
द वाटर सप्लाई वर्कर्स यूनियन ने कहा तेज होगा आंदोलन
द वाटर सप्लाई वर्कर्स यूनियन के प्रधान राजिंदर कुमार ने बताया कि तीन महीने से वेतन नहीं मिलने की वजह से परिवार चलाना दूभर हो गया है। ऐसे में वेतन और राजेश शर्मा के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर आंदोलन तेज किया जाएगा। इस दौरान कोऑर्डिनेशन कमेटी के प्रधान सतिंदर सिंह, द वाटर सप्लाई वर्कर्स यूनियन के महासचिव जगमोहन सिंह, कर्मचारी सुरिंदर कुमार, राजिंदर सिंह, सुखदेव सिंह, खुशहाल सिंह, हरप्रीत सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।