एसएसए-रमसा दफ्तरी मुलाजिम भी सरकार के विरोध में आ गए हैं। मुलाजिमों ने सात मार्च को बठिंडा में राज्यस्तरीय रोष रैली करने का फैसला लिया है।
रैली में सारे जिलों के मुलाजिम शमिल होंगे। मुलाजिमों ने साफ किया है कि इस दौरान कोई अप्रिय घटना होती है। तो उसके लिए सरकार व शिक्षा विभाग जिम्मेदार होगा।
यूनियन के सूबा प्रधान तलविंदर सिंह और महासचिव अजीत कुमार ने बताया कि जब मुलाजिमों ने पहले संघर्ष किया था। उस दौरान आठ जनवरी को मुख्यमंत्री ने यूनियन से मीटिंग की थी।
साथ ही दफ्तरी मुलाजिमों को सर्व शिक्षा अभियान के अध्यापकों के समान वेतन देने की बात मानी थी। साथ ही जल्दी ही नोटिफिकेशन जारी करने की बात कही थी।
इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार को साल 2014-15 का प्लान बजट भेजने से पहले नोटिफिकेशन जारी करने को कहा था।
लेकिन अब प्लॉन बजट केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। इससे एसएसए- रमसा मुलाजिमों में दशहत फैली हुई है। ऐसे में मुलाजिमों ने फिर से संघर्ष की राह पर आने का फैसला लिया है।
उन्होंने कहा अगर मुलाजिमों की बात नहीं मानी गई। तो इसका चुनाव सरकार को आने वाले लोकसभा चुनावों में भी भुगतना पड़ेगा। मुलाजिम गांव-गांव जाकर घड़े तोड़ेंगे।