सन् 1975 में लगी इमरजेंसी में राजनीतिक दंश झेलने वाले बंदियों को 40 साल बाद सुविधाओं की सौगात मिली।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आपातकाल के बंदियों को सरकारी अस्पतालों में फ्री इलाज की घोषणा की तो वहीं वोल्वो बसों के किराए में भी 75 प्रतिशत छूट देने की बात कही।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर शुक्रवार को शहर के हिंदू कॉलेज में ‘आपातकाल : लोकतंत्र पर कलंक’ विषय पर हुई विचार संगोष्ठी में बतौर मुख्य वक्ता शामिल हुए। उन्होंने आपातकाल के दौरान जेलों में बंद रहने वाले 64 राजनीतिक बंदियों को सम्मानित किया। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि आपातकाल के प्रहरियों की 15 अगस्त तक सूची तैयारी की जाएगी, जिसके बाद 26 जनवरी 2016 को उन्हें ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
सीएम ने इस दौरान घोषणा करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। प्रदेश भर में पैनल के 40 अस्पतालों में उपचार के दौरान भी सरकारी कर्मचारी को मिलने वाली सभी सुविधाएं मिलेगी। राजनीतिक बंदियों के ऐसे परिवार जिनकी आर्थिक हालत ठीक नहीं है सरकार की तरफ से उसके लिए भी एक कमेटी बनाई जाएगी, जिसके बाद ऐसे परिवार को हर संभव मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान सीएम ने यह भी कहा कि ‘तानाशाही से जूझता हरियाणा’ का पुन: प्रकाशन कर उन्हें संस्मरण में जोड़ा जाएगा। इसे भी 26 जनवरी के बाद शुभ्र ज्योत्सना ग्रंथ के रूप में प्रकाशित किया जाएगा। इससे पूर्व सीएम ने एमडीयू के इंडोर स्टेडियम का नाम डॉ. मंगल सैन के नाम पर रखने और वातानुकूलित बनाने के लिए भी घोषणा की।