स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को जींद के सामान्य अस्पताल का औचक निरीक्षण कर लापरवाही के आरोप में दो डॉक्टरों को सस्पेंड कर दिया। एक डॉक्टर पर बाहर से दवा लिखने के मामले में और दूसरे पर हाजिरी लगी होने के बावजूद ड्यूटी से गायब मिलने पर गाज गिरी।
विज सीधे अस्पताल के वार्डों में गए और डेली रिकार्ड को खंगालना शुरू किया। जब विज बाल रोग विशेषज्ञ के वार्ड में पहुंचे और एक मरीज की पर्ची जांची तो उस पर बाहर की दवा लिखे जाने से वे भड़क गए। स्वास्थ्य मंत्री ने तत्काल बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा वशिष्ठ को निलंबित करने के आदेश दिए। वहीं दंत चिकित्सक डॉ. रमेश पांचाल की हाजिरी रजिस्टर में लगी होने के बावजूद ड्यूटी पर मौजूद नहीं होने पर निलंबित करने के आदेश दिए।
इस दौरान विज ने अस्पताल में स्थित पानी की टंकियों का भी निरीक्षण किया। टंकी में गंदगी मिलने पर उन्होंने सिविल सर्जन को पानी के सैंपल जांच के लिए भेजने के आदेश दिए। विज ने पूरे अस्पताल का निरीक्षण किया।
इस दौरान जहां कहीं भी खामियां नजर आईं तुरंत सिविल सर्जन को दूर करने के आदेश दिए। डॉ वशिष्ठ पर सरकारी आदेश का पालन नहीं करने का आरोप है। उन्होंने अस्पताल की दवा की जगह मरीज को बाहर की दवा लिख दी।
डॉक्टरों की कमी जल्द होगी पूरी
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश के अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी जल्द दूर की जाएगी। कुल 861 चिकित्सकों की भर्ती के लिए रिक्तियां निकाली गई हैं। वहीं एसएस बोर्ड का गठन कर 2800 पैरामेडिकल की भर्ती भी निकाली गई हैं। विज ने हुड्डा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने स्वास्थ्य की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया।
पूर्व की सरकार में 34 अस्पताल बिना डॉक्टरों के चल रहे थे लेकिन अब प्रदेश के अस्पतालों में चिकित्सकों की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। इस दौरान विज ने अस्पताल के हर वार्ड में जाकर मरीजों और आम जनता से अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली।