क्षेत्र के 50 के करीब गांवों के 20 हजार लोगों को सेहत सुविधाएं प्रदान कर रहे अस्पताल में रात की इमरजेंसी सेवा बंद कर दी गई हैं।
ऐसा डाक्टरों की कमी के कारण हुआ है। क्योंकि 6 मेडिकल पदों पर केवल दो ही डॉक्टर रह गए हैं। इससे लोगों में काफी रोष है।
इसे लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां एवं लोग एकजुट हो गए हैं। उन्होंने सेहत मंत्री से तुरंत इमरजेंसी सेवा शुरू करने की मांग उठाई है।
बनूड़ अस्पताल में एक सीनियर मेडिकल आफीसर के अलावा 6 मेडिकल अफसर के पद हैं। इनमें से तीन पहले से खाली थे।
एक डॉक्टर भूपिंदर सिंह के सीनियर मेडिकल अफसर बतौर रिलीव कर दिया। इसके बाद यहां सिर्फ दो डाक्टर रह गए हैं।
तीस बिस्तरे के इस अस्पताल में हर रोज 10 से 15 के करीब भर्ती रहते हैं। जबकि सैकड़ों मरीज ओपीडी में दवाई लेने के लिए आते हैं। अस्पताल में पाच नर्सों के पद खाली पड़े हैं।
ऐसे ही एक फार्मासिस्ट का पद भी खाली है। कंप्यूटर ऑपरेटर का पद भी खाली है। डाक्टरों की कमी के कारण सुबह 9बजे से दोपहर 3बजे तक लोगों को डाक्टरी सुविधा मिल रही हैं।
इस के बाद कोई भी मरीज दाखिल नहीं हो सकता। अस्पताल की सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. ऊषा सिंगला ने बताया कि मजबूरी में यह कदम उठाया गया है।
मामला सिविल सर्जन मोहाली के ध्यान में है। जल्दी ही यहां मेडिकल अफसर तैनात किया जाएगा, फिर सेवा को बहाल कर दिया कर दिया जाएगा।