-पंजाब भर से पहुंचे कर्मचारी, इंजीनियर और पेंशनर, बिजली संशोधन बिल-2025 और संपत्तियों की बिक्री का विरोध
-अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब के बिजली क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी, इंजीनियर और पेंशनर बुधवार को बड़ी संख्या में पटियाला पहुंचे। संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले उन्होंने पावरकॉम मुख्यालय के सामने माल रोड पर जोरदार धरना देकर राज्य और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब पावर सेक्टर की संपत्तियां बेचने की योजना पर रोक लगाने, बिजली संशोधन बिल-2025 को रद करने और रोपड़ में 800 मेगावाट के दो नए थर्मल यूनिट स्थापित करने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव अजयपाल सिंह अटवाल ने कहा कि पंजाब का बिजली सेक्टर गंभीर संकट से गुजर रहा है। राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण इसकी स्वायत्तता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी और इंजीनियर बीते कई महीनों से सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलनरत हैं, क्योंकि ये नीतियां उपभोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों के हित में नहीं हैं। धरने के अंत में ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने पंजाब की सभी बिजली ट्रेड यूनियनों से एकजुट होकर आंदोलन तेज करने का आह्वान किया।
जमीन बिक्री के खिलाफ एकजुटता
संयुक्त संघर्ष समिति के नेताओं इंजीनियर दविंदर सिंह, इंजीनियर अमनदीप और कुलदीप सिंह खन्ना ने आरोप लगाया कि सरकार एक विशेष योजना के तहत विभिन्न शहरों में स्थित पावरकॉम की कीमती जमीनों को बेचने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि यह जमीनें भूमि अधिग्रहण अधिनियम 1894 के तहत बिजली क्षेत्र की जरूरतों के लिए खरीदी गई थीं और इनका उपयोग नए सब-स्टेशन, आधुनिक कार्यालय, स्टोर और बुनियादी ढांचे के विकास में होना चाहिए। बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए इन संपत्तियों की जरूरत भविष्य में और बढ़ेगी।
बिजली संशोधन बिल पर कड़ा विरोध
इंजीनियर पदमजीत सिंह ने कहा कि देश की बिजली वितरण कंपनियों ने हाल के वर्षों में मुनाफा दर्ज किया है और लाइन लॉस में भी उल्लेखनीय कमी आई है। इसके बावजूद केंद्र सरकार बिजली संशोधन बिल-2025 लाने पर अड़ी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल कॉरपोरेट्स को बिजली वितरण पर नियंत्रण देने का रास्ता खोलेगा, जिससे निजीकरण बढ़ेगा और राज्यों की भूमिका सीमित हो जाएगी। क्रॉस सब्सिडी खत्म होने से गरीब, कम आय वर्ग और किसानों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
धरने में पास प्रस्ताव
-चार नए लेबर कोड रद किए जाएं।
-ट्रेड यूनियनों पर की गई टिप्पणियां वापस ली जाएं।
-पावर यूटिलिटीज में डिग्री/डिप्लोमा अप्रेंटिस का समायोजन।
-पावरकॉम व ट्रांसको में आउटसोर्स मीटर रीडरों और कर्मियों का समायोजन।
-12 तारीख को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल में भाग लेने की अपील।