हरियाणा में धनी किसानों, नेताओं, मंत्रियों और उनके परिवार के सदस्यों को ट्यूबवेल के लिए 10 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली दी जा रही है। इसे चुनौती देते हुए दाखिल जनहित याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार, हरियाणा विद्युत प्रसार निगम व हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मामले में एडवोकेट एससी अरोड़ा द्वारा याचिका दाखिल करते हुए कहा गया कि जो नियम गरीब किसानों के लिए बनाया जाता है उसका अमीरों को लाभ कैसे दिया जा सकता है? किसानों को ट्यूबवेल के लिए सब्सिडी वाली बिजली देने की योजना का फायदा अमीर और धनाढ्य किसान उठा रहे हैं। ऐसे में ट्यूबवेल इत्यादि के लिए सस्ती बिजली की योजनाओं में ऐसा प्रावधान किया जाना चाहिए कि जिससे केवल जरूरतमंद किसानों को ही फायदा मिल सके।
याचिकाकर्ता ने बताया कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, चौधरी बंसीलाल का परिवार तथा कैप्टन अभिमन्यु के पिता, विधायक बलराम सिंह, श्रीकृष्ण हुड्डा, रणबीर गंगवा, पूर्व एमएलए परमवीर दौलतपुरिया, मोहर सिंह, अंबाला से विधायक नायब सिंह के पिता तेलू राम, अभय चौटाला, मित्र सेन, एमएस संधू, वीर सिंह परमेश्वरी देवी आदि लोगों के नामों की सूची सौंपी। याची ने कहा कि इन लोगों को और इनके जैसे धनाढ्य लोगों को सब्सिडी का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए। याची सुझाव सौंपा कि जिस किसान की आय 20 लाख रुपए से अधिक है उसे सब्सिडी का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए। करोड़पतियों को 10 पैसे प्रति यूनिट और आम आदमी को ढ़ाई से साढ़े सात रुपये यूनिट बिजली देना अन्याय है। हाईकोर्टने अब सभी प्रतिवादियों से जवाब तलब कर लिया है।