एक अप्रैल से बिजली दरें 15 से 60 पैसे प्रति यूनिट सस्ती होंगी और जिस क्षेत्र और गांव के लोग सौ फीसदी बिल की अदायगी करेंगे उन्हें 24 घंटे बिजली मुहैया करवाई जाएगी। व्यापारियों को अधिक से अधिक सुविधा देने व उनकी अधिकतर समस्याएं स्थानीय स्तर पर निपटाने के लिए प्रदेश भर में जिला स्तर पर व्यापारी सलाहकार समितियां बनाई जाएंगी।
एक समान होंगे कलेक्टर और मार्केट रेट
इसके साथ ही प्रदेश भर में एक अप्रैल से अचल संपत्तियों के लिए कलेक्टर रेट व मार्केट रेट एक समान होंगे तो वहीं पहली जुलाई से जीएसटी लागू कर दिया जाएगा। ये घोषणाएं मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को अनाज मंडी में विराट व्यापारी सम्मेलन को संबोधित करते हुए की।
व्यापारियों पर सरकार की मेहरबानी
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उन्होंने किसानों की तर्ज पर व्यापारियों के लिए शेयरिंग फार्मूले पर बीमा योजना लागू करने, उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त 25 लाख रुपये तक के वैट/सीएसटी के रिफंड की अनुमति देने में सक्षम होने व इससे अधिक राशि के लिए अतिरिक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त या मुख्यालय को अधिकृत करने, 5 लाख रुपये तक का कारोबार करने वाले छोटे व्यापारियों की निर्धारित 1 प्रतिशत मार्केट फीस समाप्त करने की बात कही।
इसके साथ्ा ही वैट/सीएसटी रिफंड की अधिकतम वित्तीय सीमा में बदलाव लाने और ज्यादा से ज्यादा टैक्स की अदायगी करने वाले व्यापारियों के लिए वार्षिक पुरस्कार योजना आरंभ करने, व्यापारियों के लंबित मामलों का निपटारा करने के लिए फास्ट ट्रैक प्रणाली अडॉप्ट करने, प्रदेश में 1 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने, भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल करने सहित कई अन्य घोषणाएं भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश भर में जीएसटी एक समान कर व्यवस्था 1 अप्रैल से लागू हो जाएगी। इसलिए व्यापारियों को जीएसटी कानून के संबंध में प्रशिक्षण व जानकारियां भी दी जाएगी। उन्होंने 20 लाख रुपये या इससे अधिक का कारोबार करने वाले व्यापारियों को इस कानून के तहत 31 मार्च तक पंजीकृत करवाने की अपील की ।
मुख्यमंत्री ने व्यापारियों की सभी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने व्यापारियों के लिए सभी सेवाओं को ऑनलाइन, कंप्यूटरीकृत कर दिया हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापारी एक स्रोत का काम करता है और टैक्स के रूप में एकत्रित पैसे को खजाने में पहुंचाता है ताकि अर्थ व्यवस्था के चक्र में कोई व्यवधान न पडे़।
उन्होंने कहा कि सरकार के 29 महीनों के कार्यकाल के दौरान किसी भी व्यापारी को फिरौती देने या किसी की संपत्ति पर कब्जा करने जैसी घटनाएं नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि महाराज अग्रसेन द्वारा प्रस्तुत किए गए 1 रुपया और 1 ईंट के सिद्धांत पर चलते हुए फार्मूला बनाए, बीमा और व्यापार घाटे से उभरने जैसी व्यवस्था की जाएगी ताकि व्यापारी अपने पांव पर खड़ा हो सकें।