22000 करोड़ पहुंचेगी सब्सिडी
वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिजली सब्सिडी 22000 करोड़ पहुंच जाएगी। इसमें घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की सब्सिडी 9000 करोड़ रहेगी जबकि इंडस्ट्रियल सेक्टर की 3000 करोड़ और खेतीबाड़ी सेक्टर के लिए 10000 करोड़ रुपये तक हो जाएगी।
खर्च के मुकाबले 1550 करोड़ अधिक होगी आय
पावरकॉम को वित्तीय साल 2024-25 में खर्चों के मुकाबले 1550 करोड़ की अधिक आमदनी होगी। पावरकॉम को 2024-25 में 46400 करोड़ की रेवन्यू रिक्वायरमेंट रहेगी लेकिन इसकी तुलना में मौजूदा बिजली दरों के हिसाब से आय 47950 करोड़ की होगी। बावजूद इसके पहले के संचित राजस्व घाटे के मद्देनजर पावरकॉम ने बिजली दरों में वृद्धि का प्रस्ताव भेजा है।
| साल |
बिजली दरों में वृद्धि (प्रतिशत में) |
| 2017-18 |
9.33 |
| 2018-19 |
2.17 |
| 2019-20 |
1.78 |
| 2020-21 |
0.71 |
| 2023-24 |
8.64 |
| 2023-24 |
11 |
बिना कटौती बिजली रेट बढ़ाए सरकार: महासचिव
पीएसईबी इंजीनियर्स एसोसिएशन के महासचिव इंजीनियर अजयपाल सिंह अटवाल के मुताबिक पावरकॉम के बढ़ते खर्चों को देखते हुए सरकार की ओर से बिजली दरों में वृद्धि जरूर की जानी चाहिए। पावरकॉम की ओर से भेजे प्रस्ताव के मुताबिक ही रेट बढ़ें। इसमें कोई कटौती न की जाए। तभी पावरकॉम बढ़िया ढंग से निर्विघ्न बिजली सेवाएं दे सकेगा। आगे कहा कि सरकार ने इस साल बिजली दरों में वृद्धि की थी लेकिन इससे पहले दो-तीन साल बिजली के रेट नहीं बढ़ाए गए। इससे पावरकॉम को राजस्व में काफी घाटा हुआ है। इसकी भरपाई तभी हो सकेगी जब रेट बढ़ें।