शहर के दो लाख बिजली कंज्यूमर्स को जहां एक ओर अप्रैल से बढ़े 17.78 परसेंट टैरिफ के साथ बिजली बिल देना होगा। वहीं, एक मई से फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (एफपीपीसीए) का एक रुपये प्रति यूनिट अलग से जुड़कर आएगा। कामर्शियल कंज्यूमर पर 400 यूनिट तक 20 रुपये और इससे ऊपर 100 रुपये लगेंगे। ज्वाइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (जेइआरसी) की ओर से यह प्रस्ताव अप्रैल में पास किया गया था।
बिजली विभाग ने वर्ष 2011 से 2016 तक 1127 करोड़ रुपये के घाटे की भरपाई के लिए यह फैसला लिया है। 18 मार्च को पब्लिक हियरिंग करके जेईआरसी ने अप्रैल के तीसरे सप्ताह में टैरिफ बढ़ाने और एफपीपीसीए लगाने के ऑर्डर जारी किए थे। बढ़ाए गए टैरिफ और एफपीपीसीए को जून में भेजे जाने वाले बिलों में शामिल किया गया है। कामर्शियल कंज्यूमर के 500 यूनिट में एफपीपीसीए में 625 रुपये की बढ़ोतरी होगी, उसे कुल बिल 3360 रुपये भरना होगा।
वहीं डोमेस्टिक में एफपीपीसीए के 500 यूनिट पर 1.2 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से 419 रुपये बढ़ाकर वसूले जाएंगे। शहर में इस समय 1.75 लाख डोमेस्टिक और 25 हजार कामर्शियल बिजली उपभोक्ता हैं। बिजली विभाग के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर एमपी सिंह ने बताया कि दो लाख बिजली उपभोक्ताओं के बिजली बिल में मई से एफपीपीसीए और अप्रैल से बढ़े बिजली टैरिफ के दाम को जोड़ा जाएगा।