अपना ट्रांसफर रुकवाने के लिए सिफारिश लेकर पर्सोनल सेक्रेटरी से मिले कर्मचारियों को मिला दो टूक जवाब। दरअसल पर्सोनल सेक्रेटरी केके जिंदल ने सभी कर्मचारियों को कहा कि बगैर किसी वाजिब कारण के किसी भी कर्मचारी का ट्रांसफर नहीं रुकेगा। कर्मचारी को नई जगह ही काम चालू रखना होगा। इन कर्मचारियों में ज्यादातर संख्या एजुकेशन से जुड़े कर्मचारियों की थी।
बताया जा रहा है कि प्रशासन ने ट्रांसफरके लिए कर्मचारियों की दूसरी सूची भी तैयार कर ली है। जब यह कर्मचारी नए ऑफिस में अपने काम को समझ लेंगे। उसके तुरंत बाद दूसरी सूची जारी कर दी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सालों से एक ही सीट पर जमे सभी कर्मचारियों की कुर्सियां बदलेंगी।
सिस्टम को पारदर्शी बनाने और काम में गति लाने केलिए ट्रांसफर किए गए हैं। प्रशासन ने पहली बार इंटर डिपार्टमेंटल ट्रांसफर पॉलिसी के तहत 348 लोगों के ट्रांसफर किए थे। इसमें स्टेनो से लेकर सुपरिंटेंडेंट तक शामिल थे। इससे पहले कर्मचारी सांसद किरण खेर से भी ट्रांसफर रुकवाने की अपील कर चुके हैं।