अमृतसर सीट हमेशा से ही राज्य और देश के अंदर चर्चित रही है। यही कारण है कि हर लोकसभा चुनावों के दौरान इस सीट पर राज्य समेत सारे देश की नजर रहती है। इस बार यहां मुकाबला पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और सीनियर भाजपा लीडर अरुण जेटली के बीच है।
हालांकि चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ा जाता है लेकिन इस बार अमृतसर में उम्मीदवार विकास की नहीं, एक-दूसरे की निजी बातों को ज्यादा उछाल रहे हैं। पिछले तीन बार से यह सीट भाजपा के पास थी उसके पहले चार बार इस पर कांग्रेस का कब्जा था।
कांग्रेस के गुरमुख सिंह मुसाफिर 1952, 1957 और 1962 में और भाजपा के नवजोत सिंह सिद्धू 2004, 2007 और 2009 में यहां से जीत चुके हैं। इस बार कैप्टन और जेटली के मुकाबले में आम आदमी पार्टी ने प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. दलजीत सिंह को उतारा है।