बता दें कि चार पन्नों का यह हस्ताक्षर के साथ आरोप पत्र भाजपा आलाकमान, पार्टी संगठन मंत्री और आरएसएस के प्रांत प्रचारक को भेजा जा चुका है। इस पत्र को भेजे जाने की पुष्टि भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर सहित अन्य उन नेताओं ने की है, जिनके हस्ताक्षर इस पत्र पर हैं। उधर, विधायक सुभाष सुधा ने आरोपों को निराधार बताया।
उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विकास और संगठन को मजबूत करने में उन्होंने हर संभव प्रयास किया। लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा जीत थानेसर विधानसभा क्षेत्र से हुई थी। अगर जिलाध्यक्ष को भाजपा का टिकट मांगना था तो ऐसा तरीका नहीं अपनाना चाहिए था। भाजपा के जिला महामंत्री और भाजपा थानेसर के हलका प्रभारी रविंद्र सांगवान ने कहा कि स्वामी ज्ञानानंद को जमीन दी गई है, वो सरकार ने और संस्थाओं को भी दी है। ऐसे में विधायक द्वारा उनका और संस्था का गलत प्रचार क्यों करेंगे।