लोकसभा चुनाव से पहले एक ही जिले में लंबे समय से तैनात प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादलों के बाद उसी संसदीय क्षेत्र में तैनाती पर भारत निर्वाचन आयोग ने सवाल उठाया है। आयोग ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि हर हाल में पिछले चार सालों में एक संसदीय क्षेत्र या जिले में तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके पुलिस के उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों व जिला चुनाव अधिकारियों की जिले से बाहर पोस्टिंग की जाए। इसकी रिपोर्ट मुख्य सचिव और डीजीपी को भेजनी होगी, अनुपालना की भी तुरंत रिपोर्ट भेजनी होगी।
भारत निर्वाचन आयोग के तबादलों को लेकर दिए गए निर्देश को लेकर हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल ने यहां अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों, जिला रिटर्निंग अधिकारियों, सहायक रिटर्निंग अधिकारियों, अतिरिक्त महानिदेशक रेंज, आईजी, डीआईजी, सीनियर पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों, उप पुलिस अधीक्षकों, सर्कल अधिकारियों या इसके समकक्ष पुलिस अधिकारियों को स्थानांतरित किया जाएगा, जिन्होंने एक ही संसदीय क्षेत्र या जिले में पिछले चार वर्षों में से तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया है।
इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाए कि जिला रिटर्निंग अधिकारियों और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को उनके गृह जिलों व संसदीय क्षेत्र में पोस्टिंग न दी जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आयोग की स्थानांतरण नीति का पालन किया जाना चाहिए। यह नियम उन तबादलों और पोस्टिंग पर भी लागू होगा जो आयोग के निर्देश से पहले हो चुके हैं।