तमाम अटकलों के बीच इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला पार्टी ने पार्टी के रथ पर सवार होकर जींद से अपना प्रचार अभियान शुरू कर दिया।
रोड शो के दौरान चौटाला ने लोगों से देवीलाल की नीतियों का अनुसरण करने का आह्वान किया। भावुक होकर लोगों से उन्होंने कहा कि वे न्याय मांगने आए हैं। वे जेल में क्यों हैं, यह सबको पता है। अब उन लोगों को ही न्याय करना है। चौटाला ने कहा कि पिछली बार उनकी जीत महज 621 मतों से हुई थी, लेकिन लोकसभा चुनाव में दुष्यंत चौटाला को 50 हजार से अधिक मतों से जीत दिलाई है।
इससे स्पष्ट होता है कि लोग इनेलो के साथ खड़े हैं। चुनाव रथ में उन्होंने रोजखेड़ा, खापड़, बड़ौदा, झील, बुडायन, सुरबुरा, उचाना कलां, काब्रछा, तारखा, उचाना सहित कई गांवों के लोगों को संबोधित किया। इनेलो प्रमुख ने दशहरे की शुभकामनाएं देकर कहा कि दशहरा असत्य पर सत्य की जीत का त्योहार है।
लोग भी यह संकल्प लेकर जाएं कि अपने वोट रूपी तीर से रावण रूपी भ्रष्ट कांग्रेस और उसी तरह की अन्य शक्तियों का खात्मा करके प्रदेश में रामराज्य की स्थापना का मार्ग प्रशस्त करेंगे। उन्होंने कहा कि भय, भ्रष्टाचार व कुशासन की प्रतीक बन चुकी मौजूदा कांग्रेस सरकार ने लोगों को बर्बाद कर दिया है।
बृहस्पतिवार देर रात जींद पहुंचने के बाद शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे चौटाला का प्रचार रथ उचाना कलां विधानसभा क्षेत्र के शाहपुर गांव पहुंचा। करीब डेढ़ साल बाद अपने बीच चौटाला को पाकर पार्टी कार्यकर्ता भावुक हो गए। गांव के बस स्टॉप के समीप सैकड़ों बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं ने उनका स्वागत किया। उचाना कलां से चौधरी देवीलाल के पौत्र और हिसार से सांसद दुष्यंत चौटाला इनेलो प्रत्याशी हैं।
पुराने रंग में दिखे चौटाला
इनेलो सुप्रीमो ने अपने पुराने अंदाज में सबसे पहले लोगों को राम-राम किया। इसके बाद उनका और परिवार का हालचाल जाना। ग्रामीणों ने ऊंची आवाज लगाकर चौटाला से भी उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा। इस पर चौटाला ने कहा,‘मेरा हाल तो आपको पता है, विरोधियों ने कैसा कर रखा है।
मैं तो आपसे सुख दुख सांझा करने आया हूं। आप लोगों ने मुझे पलकों पर बैठाकर विधानसभा भेजा था। मेरी भी अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों से मिलने का मन कर रहा था इसलिए आपका हालचाल पूछने चला आया। मैं तो तिहाड़ जेल की काल कोठरी में बंद था और मुझे वहां भी आप लोगों की चिंता सताए जा रही थी। इसलिए मैंने दुष्यंत को आपके पास भेजा है।’