कनाडा के सभी 13 प्रांतों और क्षेत्रों में अलबर्टा में अधिक वृद्धि हुई है, जोकि बाकी प्रांतों के मुकाबले चार फीसदी अधिक है और इनमें बहुसंख्यक पंजाबी हैं। अलबर्टा के इमिग्रेशन कारोबारी परविंदर सिंह मोंटू का कहना है कि अलबर्टा में नियम काफी नरम हैं और यहां पर पीआर आसान है। इसलिए पंजाबी युवाओं का भारी समूह स्टडी करने के बाद वर्क परमिट लेकर अलबर्टा आ जाता है। यहां पर ओंटारियो व बीसी के मुकाबले में जल्दी पीआर मिलती है।
लोगों ने बताया दर्द
वर्क परमिट पर कनाडा में काम कर रहे प्रज्जवल मल्होत्रा का कहना है कि चिंता होना स्वभाविक है। लाखों रुपये खर्च कर पहले कनाडा में पढ़ाई की और अब तीन साल के वर्क परमिट पर कार्य कर रहा हूं। इसके बाद पीआर का आवेदन करना है। आगे कनाडा व भारत के रिश्ते कैसे होते हैं, इसे लेकर नींद उड़ चुकी है।
कनाडा के टोरंटो में रियल एस्टेट का कारोबार करने वाले सुमित सिंह का कहना है कि यहां पर एनपीआर में आठ लाख के करीब पंजाबी हैं। यहां पर काफी तनाव है। भारत व कनाडा के रिश्तों में अगर सुधार नहीं हुआ तो भविष्य खतरे में पड़ सकता है।