फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा: कांग्रेस पार्टी में लौटे आठ पूर्व विधायक, प्रदेशाध्यक्ष उदयभान और हुड्डा के नेतृत्व में थामा दामन

Mon, 23 May 2022 08:10 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हुड्डा ने कहा कि कुलदीप बिश्नोई कांग्रेस में हैं और वो हमारे विधायक हैं। वहीं, राज्यसभा सीटों को लेकर कहा कि हाईकमान राज्यसभा उम्मीदवारों का फैंसला करेगी। क्रास वोटिंग का खतरा नहीं, कांग्रेसी विधायक कांग्रेस उम्मीदवार को ही वोट करेंगे। एक अन्य सवाल पर हुड्डा ने कहा कि अगस्त तक हमारा पूरा संगठन बन जाएगा।
विज्ञापन
आठ पूर्व विधायकों ने थामा कांग्रेस का दामन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कांग्रेस पार्टी में आठ पूर्व विधायकों की दोबारा से घर वापसी हो गई। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उदयभान और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में शारदा राठौर, रामनिवास घोड़ेला, नरेश सेलवाल, परमिंदर ढुल, जिलेराम शर्मा, राकेश कंबोज, राजकुमार वाल्मीकि, सुभाष चौधरी ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इनमें से ऐसे चार पूर्व विधायक हैं, जिनको ढाई साल पहले आजाद चुनाव लड़ने के कारण तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने 6 साल के लिए निष्काषित कर दिया था लेकिन अब हुड्डा ने उनकी पार्टी में वापसी करा दी है।

विज्ञापन


सोमवार को चंडीगढ़ स्थित पार्टी के मुख्यालय में हुए कार्यक्रम में सभी पूर्व विधायकों को पटका पहनाकर उनका स्वागत किया गया। इस मौके पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा और चौधरी उदयभान ने उन्हें पूरे मान-सम्मान का भरोसा दिलाया। गौर हो कि पिछले विधानसभा चुनाव में राकेश कंबोज, जिलेराम शर्मा ने आजाद चुनाव लड़ा था और राजकुमार वाल्मीकि आप और शारदा राठौर ने भाजपा का दामन थाम लिया था। इस पर तत्कालीन प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने इसको 6 साल के लिए पार्टी से निष्काषित कर दिया था। 

इनके अलावा, चार अन्य पूर्व विधायक भी कांग्रेस में रह चुके हैं और अलग-अलग समय में पार्टी छोड़कर दूसरे दलों में चले गए थे। 6 साल के लिए निष्काषित पूर्व विधायकों को दोबारा पार्टी ज्वाइन कराने के सवाल पर प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने कहा कि जब भी कोई आजाद चुनाव लड़ता है तो उसे 6 साल के लिए निष्काषित किया जाता है लेकिन बाद में देखा जाता है कि कहीं किसी के साथ ज्यादती तो नहीं हुई है इसलिए इनको वापस कराया गया है। एक अन्य सवाल पर प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने कहा कि पूर्व विधायकों ने बिना किसी शर्त के पार्टी ज्वाइन की है, टिकट के लिए कोई कोटा सिस्टम नहीं होगा। केवल मेरिट के आधार पर ही टिकट मिलेगा।
विज्ञापन


भाजपा ने ली चुटकी
हरियाणा कांग्रेस में आठ पूर्व विधायकों की वापसी पर भाजपा ने तंज कसा है। प्रदेश प्रवक्ता सुदेश कटारिया ने कहा कि जितने भी पूर्व विधायक, पूर्व सीपीएस और पूर्व मंत्री कांग्रेस में शामिल हुए हैं, उनका कभी जनाधार हुआ करता था लेकिन आज की तारीख में वह खाली लिफाफे से अधिक कुछ नहीं है। कांग्रेस के इन पूर्व विधायकों के लिफाफों की सामग्री पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। कांग्रेस में लोकतंत्र नाम की कोई चीज नहीं है। कांग्रेस मुद्दा विहीन हो चुकी है। इसलिए पहले से कांग्रेस में काम कर रहे नेताओं को दोबारा पार्टी में शामिल कराया जा रहा है।

पूर्व विधायकों का प्रोफाइल

  • शारदा राठौर: फरीदाबाद जिले की बल्लभगढ़ सीट से 2005 से 2009 तक विधायक रहीं। 
  • राम निवास घोड़ेला: 2009 विधानसभा चुनाव में बरवाला विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। 
  • नरेश सेलवाल: हिसार जिले की उकलाना (सुरक्षित) से 2009 में विधायक चुने गए।
  • परमिंदर सिंह ढुल: 2009 और 2014 में जींद जिले की जुलाना सीट से इनेलो की टिकट पर विधायक चुने गए। 
  • जिलेराम शर्मा: 2009 में करनाल जिले की असंध सीट से विधायक रहे। सरकार में सीपीएस भी रहे।
  • राकेश कंबोज: 2005 में करनाल जिले की इंद्री सीट से विधायक रहे।
  • राजकुमार वाल्मीकि: 1985 से 1991 तक यूथ कांग्रेस में सेक्रेटरी पद पर रहे। इसके बाद जुंडला विधानसभा क्षेत्र से 1991 से 1996 तक विधायक और सीपीएस रहे।
  • सुभाष चौधरी: विधानसभा क्षेत्र जगाधरी से 1996 से 2000 विधायक और मंत्री रहे। 2005 से 2009 तक विधायक रहे।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें