चंडीगढ़। ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार एक अगस्त मनाया जाएगा। कोरोना महामारी के कारण बकरीद की नमाज ईदगाह में नहीं बल्कि मस्जिदों में अदा की जाएगी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा जाएगा। हालांकि मुस्लिम धर्मगुरुओं ने लोगों से अपील की है कि वह मस्जिद में आने की बजाय घर पर ही नमाज अदा करें।
सेक्टर-45 के इमाम कारी शमशेर अली कासमी ने कहा कि बकरीद की नमाज ईदगाह में नहीं बल्कि मस्जिद में पढ़ी जाएगी। कोरोना के कारण लोग घर पर ही नमाज पढ़ें तो बेहतर रहेगा। कम से कम लोग मस्जिद पहुंचें ताकि कोरोना गाइडलाइंस के मुताबिक, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए नमाज अदा की जाए। उन्होंने कहा कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई है, ऐसे में एहतियात जरूरी है।
सेक्टर 26 के नूरानी मस्जिद के इमाम मुफ्ती मोहम्मद अनस कासमी और मनीमाजरा जामा मस्जिद के मौलाना मोहम्मद इमरान ने कहा कि कम से कम लोग मस्जिद में नमाज पढ़ने पहुंचें। कोरोना की महामारी के चलते एहतियात जरूरी है। खुले में कुर्बानी न करें, सफाई और सोशल डिस्टेंस का पालन करें। साथ ही ऐसा कोई भी काम न करें जिससे किसी को तकलीफ हो।