मोहाली के दशहरा ग्राउंड में बड़ी संख्या में पहुंचे शिक्षा प्रोवाइडरों ने पुलिस बल को दरकिनार करते हुए नाके को गिरा दिया। पंजाब पुलिस जिन शिक्षा प्रोवाइडरों को पांच जुलाई को जबरन धरनास्थल से घसीट कर गाड़ियों में भरकर दूसरे स्थानों पर छोड़ दिया था, वे रविवार को दोबारा उसी स्थान पर धरने पर बैठ गए। पुलिस नाके को गिराते हुए शिक्षा प्रोवाइडर पंजाब शिक्षा विभाग के पास धरने पर बैठ सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
गौरतलब है कि आठ माह से धरना दे रहे शिक्षा प्रोवाइडरों को पांच जुलाई को पुलिस ने हटा दिया था। इस दौरा पुलिस ने धरना दे रहे शिक्षा प्रोवाइडरों के टेंट और बैनर भी उखाड़ दिए थे। रविवार को भाषण और नारेबाजी के बाद शिक्षा प्रोवाइडर डायरेक्टर जनरल स्कूल एजुकेशन (डीजीएसई) दफ्तर की ओर रवाना हुए। उनकी अगुवाई अजमेर सिंह औलख, कुलदीप सिंह बढूवाल, शमशेर सिंह, मोहाली जोन प्रधान जोगा सिंह और मनिंद्र सिंह राणा ने की। इससे पहले रविवार को मोहाली में शिक्षा प्रोवाइडरों के बड़ी संख्या में पहुंचने की सूचना पर एसपी गुरसेवक सिंह, एसपी जीएस ग्रेवाल पुलिस बल के साथ दशहरा ग्राउंड में पहुंच गए थे।
काम नहीं आई नाकेबंदी
पुलिस प्रशासन को सूचना मिली थी कि प्रदर्शनकारी दशहरा ग्राउंड में मीटिंग करने के बाद डीजीएसई दफ्तर की ओर कूच करेंगे। इसके मद्देनजर पुलिस ने वहां पहले से ही नाकेबंदी कर दी थी। बड़ी संख्या में पहुंचे शिक्षा प्रोवाइडरों ने पुलिस बल को दरकिनार करते हुए नाके को गिरा दिया। उसके ऊपर चढ़कर उसी जगह दोबारा धरने पर बैठ गए, जहां से उन्हें पांच जुलाई को उठाया गया था।
तल्ख तेवर में नहीं दिखी पुलिस
पुलिस बंदोबस्त को धराशाई करते हुए जैसे ही शिक्षा प्रोवाइडरों ने इन्हें लांघना शुरू किया पुलिस ने बल प्रयोग करने की चेतावनी देते हुए लाठियां ऊपर उठाई। पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए बल प्रयोग नहीं किया। इसके बाद शिक्षा प्रोवाइडर वहां धरने पर बैठ गए।