वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर संघर्ष पर चल रहे एसएसए-रमसा नॉन टीचिंग स्टाफ का आंदोलन तेज होता देख शुक्रवार को शिक्षामंत्री ने यू टर्न लिया। इस दौरान उन्होंने यूनियन के मेंबरों के साथ मीटिंग की।
साथ ही मुलाजिमों को संघर्ष खत्म करने का आश्वासन दिया। हालांकि मुलाजिमों ने मांग पूरी न होने तक संघर्ष जारी रखने का फैसला लिया।
मुलाजिम एसोसिएशन ने तय किया है कि दिल्ली में होने जा रहे चुनाव में वे अकाली उम्मीदवारों के खिलाफ प्रचार करेंगे। इस दौरान वह सभी विधानसभा हलकों में जाकर पंजाब सरकार की नीतियों के खिलाफ पर्चें बाटेंगे।
फेज-8 स्थित शिक्षा विभाग ऑफिस के बाहर धरने पर चल रहे एसएसए-रमसा मुलाजिमों को शुक्रवार सुबह फोन कर मीटिंग के लिए सचिवालय बुलाया। जहां पर शिक्षामंत्री सिंकदर सिंह मलूका, शिक्षा सचिव व डीपीआई समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
इस दौरान शिक्षा मंत्री ने मुलाजिमों को संघर्ष खत्म करने के लिए जोर डाला। उन्होंने बताया कि वह तो वेतन बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। लेकिन केंद्र की तरफ से फंड नहीं आ रहे हैं।
जबकि मुलाजिम उनकी एक भी दलील सुनने को तैयार नहीं थे। इसके बाद मुलाजिम मीटिंग से चले आए। साथ ही सचिवालय में भी सरकार के खिलाफ पर्चे बांटे। इससे पहले पूरा दिन मुलाजिमों ने अपना काम बंद रखा। साथ ही शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन किया।