ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे.. ये गीत तो सभी ने सुना ही होगा, लेकिन अब इस गीत के शब्दों की तरह दोस्ती निभाने वाले दोस्त अपने दिव्यांग मित्र का सहारा बनेंगे। दिव्यांग दोस्त की मदद के लिए सहपाठियों को ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि किस तरह से उनकी शारीरिक और मानसिक रूप से मदद करें और प्रतिभा को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएं। शिक्षा विभाग द्वारा समग्र शिक्षा अभियान के तहत यह पहल की जा रही है।
7 फरवरी से प्रदेश में ये कार्यक्रम शुरू होगा, जिसमें शिक्षा और विस्तार, सरकार की ओर से दी गईं सुविधाओं, विभिन्न प्रमुख दिव्यांग लोगों के बारे में संक्षिप्त जानकारी, उनके अधिकार, कक्षा और समाज में सहकर्मी छात्रों की भूमिका, नाटिका के माध्यम से भेदभाव के बारे में जागरूकता के बारे में बताया जाएगा। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में करीब डेढ़ लाख दिव्यांग विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।
यह है उद्देश्य
अक्सर देखा जाता है कि दिव्यांगता के कारण छात्र खुलकर परेशानी बता नहीं पाते और न ही छुपी प्रतिभा को उभार पाते हैं। ऐसे में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले दिव्यांग छात्रों की मदद के लिए सम्रग शिक्षा अभियान(एसएसए) के तहत ‘दिव्यांग छात्रों के साथी’ कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इसमें दिव्यांग छात्रों के 2 से 3 साथियों को कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा।