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शिक्षा विभाग ने की कैट के दो आदेशों की अवमानना.. एक में लगा तीन हजार जुर्माना, दूसरे में मिला नोटिस

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चंडीगढ़। शिक्षा विभाग इस समय कोर्ट के सवालों में घिरा हुआ है। कुछ समय पहले ही शिक्षा विभाग के खिलाफ दो अलग अलग मामलों में शिक्षकों ने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल बैच (कैट) में याचिका डाली, लेकिन विभाग की तरफ से दोनों ही मामलों में कैट को जवाब दायर नहीं करवाया गया। इस कारण एक मामले में कैट ने शिक्षा विभाग को तीन हजार का जुर्माना और दूसरे मामले में अवमानना नोटिस भेजा है।
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पहला मामला..
शिक्षा विभाग ने अक्तूबर माह में टीजीटी से पीजीटी की प्रमोशन लिस्ट निकाली। इस लिस्ट में विभाग की तरफ से 101 शिक्षकों को प्रमोट किया जाना था। लेकिन कुछ शिक्षकों ने इस लिस्ट पर सवाल उठाए कि विभाग की तरफ से गलत तरीके से शिक्षकों को प्रमोट किया जा रहा है। शिक्षकों का कहना था कि कुछ ऐसे शिक्षक हैं जो प्रमोशन क्राइटेरिया को पूरा ही नहीं करते हैं, फिर भी इन शिक्षकों का नाम सूची में डाला गया है। वहीं, जो कुछ सीनियर शिक्षकों का नाम लिस्ट में शामिल ही नहीं किया गया है। विभाग के इस निर्देश के खिलाफ चार लैंग्वेज शिक्षकों ने मिलकर कैट में याचिका डाल दी। याचिका में लिखा कि सीएंडवी शिक्षकों को सीधा पीजीटी प्रमोट किया जाना गलत है, क्योंकि उनकी भर्ती के तहत वह पहले टीजीटी प्रमोट किए जा सकते हैं। इस मामले में 11 दिसंबर को शिक्षा विभाग को कैट की तरफ निर्देश हुए कि वह 22 दिसंबर तक अपना जवाब दायर करें। लेकिन शिक्षा विभाग ने कैट में जवाब दायर नहीं किया, इस पर कैट ने विभाग को तीन हजार का जुर्माना लगाया है।
दूसरा मामला
दूसरा मामला बिना नोटिस नौकरी से निकाले गए अनुबंध कंप्यूटर शिक्षकों का है। कैट ने 21 अक्तूबर को विभाग को निर्देश दिए थे कि काम से निकाले गए टीचर्स की रोकी गई चार महीने का वेतन जारी की जाए। जब दो महीनों तक वेतन जारी नहीं हुआ किया गया तो 23 दिसंबर को शिक्षकों ने वेतन जारी नहीं करने संबंधी कैट में एक ओर केस दायर किया । इस पर कैट ने 11 जनवरी को आदेशों की अवमानना के केस में शिक्षा विभाग को जबाव देने के निर्देश जारी किए है।
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