पंजाब यूनिवर्सिटी ने नए साल पर बड़ा संकल्प लिया है। पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) के हजारों विद्यार्थियों को मई माह में रिजल्ट के साथ डीएमसी और डिग्रियां ऑनलाइन देंगे। एक पासवर्ड के जरिये विद्यार्थी डिग्रियां आसानी से निकाल लेंगे। विद्यार्थियों को इन चीजों के लिए कॉलेज या विश्वविद्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
पीयू का परीक्षा नियंत्रक कार्यालय हर साल कुछ न कुछ ऐसा कार्य करता है, जो नजीर बनता है। इस बार भी सभी ने संकल्प लिया है कि पोस्ट ग्रेजुएट व पीएचडी की डिग्रियां ऑनलाइन कर देंगे। यह निर्णय इसलिए लिया कि यह वक्त की जरूरत है। साथ ही विद्यार्थियों के पास समय नहीं है, जो डिग्री आदि के लिए कॉलेज के चक्कर लगाएं।
इसके साथ ही नौकरी आदि के लिए डॉक्यूमेंट की चेकिंग भी होती है। उस कार्य में भी मैनुअल देरी होती है। अब यह प्रमाण पत्र ऑनलाइन करने से सभी चीजें आसान हो जाएंगी। नेशनल एकेडमिक डिपोस्टरी के साथ मिलकर पीयू कार्य कर रहा है। इस वर्ष पीयू पीजी की पढ़ाई पूरी करने वाले विद्यार्थियों को मई के रिजल्ट के साथ डिग्रियां व डीएमसी देने की पूरी तैयारी में है।
50 हजार से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। हालांकि, काम आसान नहीं है, लेकिन परीक्षा नियंत्रक कार्यालय ने पूरी ताकत लगा दी है। इसके लिए ऑनलाइन टीम का प्रशिक्षण कार्य हो गया है। साथ ही कुछ टेस्टिंग भी चल रही है। पीयू कई बार अभ्यास करने के बाद ही यह प्रमाण पत्र विद्यार्थियों को देगा। अगले चरण में साल 2017, 2018 के विद्यार्थियों की डिग्रियां ऑनलाइन होंगी।
100 साल का रिकॉर्ड डिजिटलाइज हो रहा
परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के हाथ इस साल एक और उपलब्धि आ सकती है। 100 साल पुराने रिकॉर्ड को डिजिटलाइज करने जा रहा है। इसका कार्य तेजी से चल रहा है। सॉफ्ट कॉपी हर रिकॉर्ड की होगी। काफी पुराने रिकॉर्ड के पन्ने पीले पड़ गए हैं। ऐसे में कार्यालय इस रिकॉर्ड को सुरक्षित करने की तैयारी कर रहा है। विभाग की ओर से कई और भी योजनाएं बनाई गई हैं। जो जल्द सामने आएंगी।
कोशिश कर रहे हैं कि इस बार पीजी के विद्यार्थियों को मई में रिजल्ट के साथ ही डीएमसी व डिग्रियां ऑनलाइन मुहैया करा दें। इससे पहले हम टेस्टिंग आदि करेंगे। इस पर तेजी से कार्य चल रहा है। पुराना रिकॉर्ड डिजिटलाइज करने का काम भी तेजी से किया जा रहा है।
- प्रो. परविंदर सिंह, परीक्षा नियंत्रक पीयू