शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों को एंट्री क्लासों में एडमिशन के लिए सीटों के वर्गीकरण के आदेश दिए थे, लेकिन इन स्कूलों ने शेड्यूल जारी करते समय आदेशों को अनसुनी कर दिया। स्कूलों ने सिर्फ 25 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस कोटा का ही जिक्र है। जबकि संबंधित स्कूलों में भाई-बहन, एलुमनी और शिक्षक माता-पिता होने पर भी प्राथमिकता दी जा रही है, लेकिन स्कूलों की तरफ से इन आरक्षित सीटों की वर्गीकरण ही नहीं किया गया है। ऐसे में परिजनों के सामने दुविधा बनी हुई है कि उनके बच्चों का एडमिशन हो भी पाएगा या नहीं।
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार 2 दिसंबर से पहले वेबसाइट पर एडमिशन संबंधी पूरी जानकारी मुहैया करवानी थी। शिक्षा विभाग की ओर से नवंबर में एंट्री क्लास में एडमिशन के लिए प्राइवेट स्कूलों के साथ मीटिंग की गई थी। इस दौरान विभाग ने सभी स्कूलों के लिए कॉमन एडमिशन शेड्यूल तैयार किया था। स्कूलों को निर्देश दिए गए थे कि परिजनों की सहूलियत के लिए वेबसाइट पर एडमिशन की तारीख, कुल सीटें, उम्र सीमा, फीस, एडमिशन क्राइटेरिया, दस्तावेज, आरक्षित सीटें इत्यादि की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
आदेशों का उल्लंघन करते हुए स्कूलों ने अपने शेड्यूल में कुल सीटों का वर्गीकरण ही नहीं किया है। एडमिशन नोटिस में सिर्फ इतना लिखा गया है कि भाई-बहन, एलुमनी और शिक्षक माता-पिता होने और स्कूल के नजदीक घर होने पर एडमिशन में प्राथमिकता दी जाएगी। अन्य सीटों के लिए ड्रॉ निकाला जाएगा। लेकिन किस कैटेगरी में कितने प्रतिशत सीटें आरक्षित हैं और कितने प्रतिशत सीटों पर ड्रॉ निकाला जाएगा, इसका जिक्र ही नहीं किया गया है। अब परिजनों के सामने दुविधा बनी हुई है कि उनके बच्चों का एडमिशन हो पाएगा या नहीं।
वहीं अभी भी सामान्य बच्चों की सीटों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस हफ्ते से प्राइवेट स्कूलों में एंट्री क्लास के एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो गई हैं। इसके लिए स्कूलों में 16 दिसंबर एडमिशन फॉर्म डाउनलोड कर जमा करवाने की आखिरी तिथि है।
परिजनों को किसी भी तरह की परेशानी ना हो इसके लिए इस बार कॉमन एडमिशन शेड्यूल तैयार किया गया था। स्कूलों को कहा गया है कि एडमिशन की पूरी डिटेल वेबसाइट पर अपलोड की जाए।
- रूबिंदरजीत सिंह बराड़, शिक्षा निदेशक