चंडीगढ़। पंजाब के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की 129 एकड़ जमीन और करोड़ों की संपत्ति का हिसाब अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) खंगालेगा। शुक्रवार को ईडी ने भुल्लर को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए 14 दिन का रिमांड मांगा। धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उसे आठ दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया। इस दौरान एजेंसी उसकी जमीन, संपत्तियों, बैंक लेनदेन और आय के स्रोतों की जांच करेगी।
ईडी के अनुसार, पंजाब में भुल्लर के नाम या उससे जुड़ी करीब 129 एकड़ जमीन है। जांच एजेंसी पता लगाएगी कि इतनी जमीन और अन्य संपत्तियां कैसे अर्जित की गईं और इनके लिए धन कहां से आया। यह भी जांच होगी कि संपत्तियों का रिश्वत या अन्य संदिग्ध लेनदेन से कोई संबंध है या नहीं।
घर से मिले थे करोड़ों रुपये, सोना और घड़ियां
सीबीआई ने रिश्वत मामले में भुल्लर के सेक्टर-40 स्थित आवास पर छापा मारा था। तलाशी में करीब साढ़े सात करोड़ रुपये नकद, लगभग ढाई करोड़ रुपये की लग्जरी घड़ियां और करीब ढाई किलो सोना मिला था। इस बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों ने उसकी संपत्ति और आय के स्रोतों की पड़ताल शुरू की। भुल्लर के खिलाफ भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में पहले से जांच चल रही है।
कारोबारी से आठ लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप
सीबीआई ने पिछले वर्ष मंडी गोबिंदगढ़ के कारोबारी आकाश बत्ता से आठ लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में भुल्लर को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि कारोबारी से जुड़े मामले में अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए रिश्वत मांगी गई थी। गिरफ्तारी के बाद उसके घर की तलाशी में नकदी, सोना और महंगी घड़ियां बरामद हुई थीं।
बिचौलिए कृष्णु शारदा से पूछताछ के बाद शिकंजा
भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद ईडी ने उसके कथित साथी और मामले में बिचौलिए के तौर पर सामने आए कृष्णु शारदा के खिलाफ भी धनशोधन की जांच शुरू की। पिछले महीने ईडी ने शारदा को गिरफ्तार कर सात दिन के रिमांड पर लिया था। उससे पूछताछ में सामने आए तथ्यों और संपत्तियों से जुड़े पहलुओं को भी जांच में शामिल किया गया है। ईडी को आशंका है कि रिश्वत और अन्य संदिग्ध लेनदेन से जुड़े धन की कड़ियां भुल्लर की संपत्तियों तक पहुंच सकती हैं। आठ दिन के रिमांड में एजेंसी जमीन, संपत्तियों, बैंक लेनदेन और आय के स्रोतों की पड़ताल के साथ यह भी पता लगाएगी कि बरामद नकदी और अन्य संपत्तियों का रिश्वत के कथित धन से कोई संबंध है या नहीं।