इसके बाद अब्दुल्ला का काफिला ईडी कार्यालय से सेक्टर-3 की ओर रवाना हो गए। बता दें कि इससे पहले ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) जनवरी वर्ष 2019 में भी जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला से पूछताछ कर चुकी है।
यह है मामला
बीसीसीआई ने 2002 से 2011 के बीच जम्मू कश्मीर में क्रिकेट सुविधाओं के विकास के लिए 112 करोड़ रुपये दिए थे लेकिन आरोप है कि इस राशि में से 43.69 करोड़ रुपये का गबन किया गया है। मामले को लेकर रणजी ट्राफी कोच और सेलेक्टर व कश्मीर के क्रिकेट खिलाड़ी माजिद अहमद ने 2015 में जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) घोटाले को लेकर हाईकोर्ट में पीआईएल फाइल की थी।
इसके बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को केस की जांच करने के आदेश दिए। सीबीआई ने आदेश के बाद मामला दर्ज किया। सीबीआई ने जांच कर जेकेसीए अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, मोहम्मद सलीम खान (महासचिव), एहसान अहमद मिर्जा (खजांची) और बशीर अहमद मिसगर (बैंक में एग्जीक्यूटिव) के खिलाफ षड्यंत्र और विश्वास के आपराधिक उल्लंघन के आरोप लगाते हुए अदालत में चार्जशीट दायर की थी। करीब 8 हजार पन्नों की चार्जशीट में धारा 120-बी, 406 और 409 के तहत आरोप लगाए गए हैं। हालांकि अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला ने आरोपों को खारिज किया है।