प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित रिश्वतखोरी के आरोपों से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत गुरुवार को पंचकूला विशेष अदालत के निलंबित न्यायाधीश सुधीर परमार को गिरफ्तार कर लिया। ईडी की टीम ने पूर्व न्यायाधीश को गुरुग्राम से धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत हिरासत में लिया था। ईडी शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश करके रिमांड पर देने की मांग करेगी।
मनी लॉन्ड्रिंग का मामला अप्रैल में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़ा है। जांच एजेंसी ने पहले इस मामले में सुधीर परमार के भतीजे अजय परमार, रियल एस्टेट कंपनी एम3एम के दो प्रमोटरों बसंत बंसल और पंकज बंसल और एक अन्य रियल्टी समूह आईआरईओ के मालिक और एमडी ललित गोयल को गिरफ्तार किया था।
एसीबी की एफआईआर के अनुसार, सुधीर परमार ईडी के आपराधिक और अन्य मामलों में आरोपियों रूप कुमार बंसल, उनके भाई बसंत बंसल और आईआरईओ के ललित गोयल के प्रति पक्षपात दिखा रहे थे। उनके खिलाफ सीबीआई का मामला उनकी अदालत में लंबित है। ईडी की शिकायत के अनुसार सुधीर परमार पर गंभीर कदाचार, पद का दुरुपयोग और उनकी अदालत में लंबित मामलों में आरोपी व्यक्तियों से अनुचित लाभ की मांग की गई हैं। एसीबी केस दर्ज होने के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सुधीर परमार को निलंबित कर दिया था।