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HPSC exam fraud case: ओएमआर स्कैनिंग फर्म का निदेशक अश्विनी शर्मा गिरफ्तार, ED ने अदालत में किया पेश

Sat, 05 Aug 2023 01:10 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

अश्विनी शर्मा ‘पारू डेटा सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड’ का निदेशक और नियंत्रक हैं। कंपनी 2021 में आयोजित एचपीएससी परीक्षा में उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट की स्कैनिंग का काम संभाल रही थी। ईडी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने प्रासंगिक जानकारी छिपाई और इस मामले की जांच को पूरी तरह से भ्रमित किया। 
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प्रवर्तन निदेशालय। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट स्कैन करने वाली कंपनी के निदेशक अश्विनी शर्मा को मनी लॉन्ड्रिंग के तहत गिरफ्तार किया है। ईडी ने आरोपी को शुक्रवार को जिला अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया है। अश्वनी शर्मा को परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों की ओएमआर सीट स्कैन करने का काम सौंपा गया था। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले की जांच करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामला एचपीएससी परीक्षा के माध्यम से अभ्यर्थियों के चयन में कथित धोखाधड़ी से संबंधित है।

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अश्विनी शर्मा ‘पारू डेटा सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड’ का निदेशक और नियंत्रक हैं। कंपनी 2021 में आयोजित एचपीएससी परीक्षा में उपस्थित होने वाले अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट की स्कैनिंग का काम संभाल रही थी। ईडी ने आरोप लगाया है कि उन्होंने प्रासंगिक जानकारी छिपाई और इस मामले की जांच को पूरी तरह से भ्रमित किया। 

उन्होंने बिचौलियों के माध्यम से रिश्वत के बदले हरियाणा डेंटल सर्जन परीक्षा और हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) प्री-परीक्षा सहित एचपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं में उम्मीदवारों को फर्जी तरीके से चयनित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ईडी का कहना है कि आरोपी उन अभ्यर्थियों की मूल प्रतियों के साथ-साथ ओएमआर शीट की कार्बन प्रतियों में खाली छोड़े गोले को भरता था, जिनसे परीक्षाओं में फर्जी तरीके से उत्तीर्ण होने के लिए रिश्वत ली जाती थी। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला हरियाणा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की एक एफआईआर से सामने आया था। एजेंसी इस मामले में पहले 3.29 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है। इसमें एक दलाल नवीन कुमार की जांच जारी है।

अनिल नागर से पूछताछ में नाम आया था सामने

आरोपी अनिल नागर से पूछताछ में पता चला है कि एचसीएस प्रारंभिक और डेंटल सर्जन परीक्षाओं के लिए ओएमआर शीट की स्कैनिंग के लिए अश्विनी (पारू डेटा सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड) को काम पर रखा था। अश्विनी ने बदले में नवीन से संपर्क किया जिसने उम्मीदवारों से संपर्क किया।

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