जम्मू और कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में 43.69 करोड़ रुपये गबन मामले में ईडी (प्रर्वतन निदेशायल) ने फारूक अब्दुल्ला के करीबी एहसान मिर्जा को गिरफ्तार किया है। सूत्रों के अनुसार मिर्जा को ईडी ने पूछताछ के लिए चंडीगढ़ के सेक्टर-18 स्थित अपने दफ्तर बुलाया था।
इस दौरान ईडी ने गिरफ्तारी डाल दी और घंटो पूछताछ की। सवाल जवाब सिलसिला काफी लंबा चला। इस दौरान मिर्जा से क्रिकेट एसोसिएशन गबन से संबंधित कई सवाल पूछे गए। इसके बाद गुरुवार सुबह ईडी ने मिर्जा को जिला अदालत में पेश कर उसे ट्रांजिट रिमांड पर जम्मू एंड कश्मीर भेज दिया है।
गौरतलब है कि बीसीसीआई ने वर्ष 2002 से 2011 के बीच जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट सुविधाओं के विकास के लिए 112 करोड़ रुपये दिए थे लेकिन आरोप है कि इस राशि में से 43.69 करोड़ रुपये का गबन किया गया है। मामले को लेकर रणजी ट्राफी कोच और सेलेक्टर व कश्मीर के क्रिकेट खिलाड़ी माजिद अहमद ने 2015 में जम्मू कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) गबन को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी।
इसके बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई को केस की जांच करने के आदेश दिए। सीबीआई ने आदेश पर मामला दर्ज किया। सीबीआई ने जांच कर जेकेसीए अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला, मोहम्मद सलीम खान (महासचिव), एहसान अहमद मिर्जा (खजांची) और बशीर अहमद मिसगर (बैंक में एग्जीक्यूटिव) के खिलाफ षड्यंत्र और विश्वास के आपराधिक उल्लंघन के आरोप लगाते हुए अदालत में चार्जशीट दायर की थी। बता दें कि बीते 31 जुलाई को ईडी के अधिकारियों ने सेक्टर-18 स्थित दफ्तर में फारूक अब्दुल्ला से गबन के बारे में पूछताछ के लिए बुलाया था।