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1 करोड़ की मशीन करेगी दिल का इलाज

Fri, 28 Feb 2014 12:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पीजीआई के एडवांस कार्डियक सेंटर (एसीसी) में हृदय का इलाज और सुरक्षित हो गया है। संस्थान ने एसीसी के लिए हाल ही में थ्री डाइमेंशनल इकोकार्डियोग्राफी सिस्टम खरीदा है। इसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये है।
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इससे पहले संस्थान के पास टू डी सिस्टम था। नए सिस्टम से दिल के मरीजों को काफी फायदा हुआ है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस मशीन से हृदय की सर्जरी के दौरान बहुत साफ और हाई क्वालिटी की इमेज मिलती है। इससे आपरेशन के दौरान व उसके बाद आ रही छोटी-बड़ी दिक्कतों से निजात मिलेगी।

पीजीआई ने रिसर्च में माना ये

पीजीआई ने अपनी रिसर्च में माना है कि मरीज के हृदय की प्राइमरी जांच में सर्जरी प्लान कुछ और था और जब सर्जरी के दौरान थ्री डी डाइमेंशियल इकोकार्डियोग्राफी सिस्टम का इस्तेमाल किया गया तो इलाज का तरीका बदलना पड़ा।

यदि प्राइमरी जांच के अनुसार ही इलाज करते थे तो मरीज को बाद में दिक्कत आती और फिर से सर्जरी करनी पड़ती। इससे मरीज को खर्चा बढ़ता और समय भी बर्बाद होता। पीजीआई ने इस तरह की दो मशीने खरीदी हैं।

क्या है थ्री डी इकोकार्डियोग्राफी सिस्टम

पीजीआई के पास अब तक टू डी इकोकार्डियोग्राफी सिस्टम था। पिछले महीने ही पीजीआई ने थ्री डी इकोकार्डियोग्राफी सिस्टम खरीदा है। इसका प्रयोग सर्जरी से पहले, सर्जरी के दौरान और उसके बाद भी किया जाता है, लेकिन इसका सबसे महत्वपूर्ण योगदान सर्जरी के दौरान आता है।

मान लीजिए किसी मरीज की प्राइमरी जांच हुई। जांच के बाद सर्जरी के दौरान इस सिस्टम को गले के माध्यम से अंदर डाला जाता है। बाहर एनेस्थीसिया की टीम कंप्यूटर पर अंदर की प्रक्रिया को पूरी तरह से मॉनिटरिंग करती है।

यह टीम लगातार सर्जरी की टीम बताती है कि कहां पर कमी है और कहां पर इलाज करना बाकी है। पहले सिर्फ थ्योरिटिकल के अनुसार इलाज किया जाता था।
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ये होगा मरीज को फायदा

1.अब मरीज का ज्यादा सुरक्षित इलाज होगा
2.सर्जरी के दौरान रहने वाले छोटी-छोटी कमियां खत्म हो जाएगी
3.खासकर बच्चे के दिल का इलाज सबसे सटीक होगा
4. एक बार इलाज होने के बाद मरीज को दोबारा नहीं आएगा
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