चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय शोधार्थियों के आने के बाद ई-रिक्शा की सेवा शुरू कर सकता है। कई शोधार्थियों ने यह मांग उठाई है क्योंकि वे अपने विभागों तक जाने के लिए परेशान होते हैं। हालांकि पीयू इसके लिए कमेटी बनाएगा। साथ ही दिशा-निर्देश भी तैयार होंगे। जानकारों का कहना है कि एक रिक्शा में अधिकतम दो ही लोग बैठ पाएंगे क्योंकि शारीरिक दूरी बनाकर रखनी होगी ताकि कोरोना न फैल सके।
पीयू में एक नवंबर से शोधार्थी छात्रावासों में शिफ्ट हो गए हैं। अब वे शोध कार्यों में जुट गए हैं। उन्हें प्रयोगशाला, विभागीय लाइब्रेरी व अपने गाइड के पास दिन में कई बार जाना पड़ता है। छात्रावासों से कई विभाग दूर हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को पैदल जाना पड़ रहा है। कई विभाग साउथ कैंपस में हैं जबकि विद्यार्थी सेक्टर-14 के छात्रावासों में रह रहे हैं। यह मांग कुछ शोधार्थियों ने उठाई है। उनका कहना है कि ई-रिक्शा भी सात माह से बंद चल रहे हैं। ऐसे में लोगों को काम भी मिलेगा और शोधार्थियों की परेशानी भी हल होगी।
सूत्रों का कहना है कि विद्यार्थियों की मांग के बाद पीयू प्रशासन इस पर काम कर रहा है लेकिन कमेटी बनाने के बाद जो निर्णय आएगा, वही लागू होगा। माना जा रहा है कि ई-रिक्शा चलाए जाएंगे।