हरियाणा में किसानों के हित में फैसला लेते हुए सरकार ने 12 जिलों के किसानों के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया है। इसमें यमुनानगर के 600 गांव शामिल हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसान हितैषी फैसला लेते हुए फसल नुकसान पंजीकरण के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल 12 जिलों के 1402 गांवों के लिए 10 सितंबर तक खोल दिया है। अब तक कुल 38 हजार 286 किसानों ने अपनी फसल क्षति का दावा दर्ज करवाया है।
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पंजीकृत कुल क्षेत्रफल 2,42,945.15 एकड़ तक पहुंच गया है। पहले ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल सात जिलों के 188 गांवों के लिए खोला गया था। इसके बाद इसका दायरा बढ़ाकर 12 जिलों के 1402 गांवों तक कर दिया गया है।
इनमें रोहतक के 41, हिसार के 86, चरखी दादरी के 34, पलवल के 59, सिरसा के 6, भिवानी के 43 गांव, रेवाड़ी के सात, कुरुक्षेत्र के 75, यमुनानगर के 600, नूंह के 166, फतेहाबाद के 21 और झज्जर के 264 गांव शामिल हैं। जिला राजस्व अधिकारी पोर्टल के माध्यम से प्राप्त दावों का सत्यापन विशेष गिरदावरी के रूप में करेंगे।