चंडीगढ़। विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 के अवसर पर पीजीआई के प्रोफेसर डॉ. सोनू गोयल ने वेपिंग को युवाओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने कहा कि रंग-बिरंगे फ्लेवर, आकर्षक डिजाइन और सोशल मीडिया प्रचार के चलते किशोर तेजी से ई-सिगरेट की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
डॉ. गोयल ने बताया कि वेपिंग को सुरक्षित बताना गलत है, क्योंकि इसमें निकोटिन, जहरीले रसायन और फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले तत्व मौजूद होते हैं। उन्होंने कहा कि 2025 में प्रकाशित उनकी टीम के शोध में वेपिंग से अस्थमा, स्ट्रोक, डिप्रेशन और मानसिक तनाव जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ने की बात सामने आई है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से बच्चों के व्यवहार में बदलाव, बार-बार खांसी और अजीब इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर नजर रखने की सलाह दी। साथ ही बताया कि भारत में वर्ष 2019 से ई-सिगरेट की बिक्री और उपयोग पर प्रतिबंध है। संवाद