फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घर पर आए चालान तो ऐसे करें भुगतान

Wed, 23 Apr 2014 10:18 AM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
सीसी टीवी कैमरे में यातायात नियमों को तोड़ने वाले कैद हुए चालकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने मुहिम तेज कर दी है।
विज्ञापन


प्रतिदिन 225 से ज्यादा नंबरी चालान लोगों के घरों में भेजे जाते हैं। ऐसे में घर पर खुद पुलिस की ओर से भेजे गए चालान को भुगतने के लिए ई संपर्क सेंटर में भी सुविधा चालू है, लेकिन प्रशासन और पुलिस की ओर से इस सुविधा का ज्यादा प्रचार न होने के कारण अधिकतर शहरवासी इस बारे में अनजान हैं। इस कारण प्रतिदिन सेक्टर-29 की ट्रैफिक लाइन में लंबी भीड़ लगती है।

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार ई संपर्क सेंटर में सिर्फ नंबरी चालान (जो ट्रैफिक पुलिस की ओर से घर पर भेजे जाते हैं) ही भुगत सकते हैं।

जबकि जो नाके और सड़क पर प्रत्यक्ष रूप से चालान कटते हैं वह ट्रैफिक लाइन में जाकर ही भुगते जाएंगे क्योंकि इस चालान में पुलिस की ओर से दस्तावेज भी जब्त किए जाते हैं। ई संपर्क सेेंटर देर शाम तक भी खुले रहते हैं।
विज्ञापन


पंचकूला और मोहाली में भी प्रक्रिया हुई शुरू
नाके पर तैनात पुलिस वाले भी जो नंबर नोट करते हैं और चालक वहां से फरार हो जाता है वह चालान भी घर भेजे जाते हैं।

अब पुलिस की ओर से पंचकूला और मोहाली में रजिस्ट्रर हुई गाड़ियों के भी नंबरी चालान भेजने शुरू कर दिए है जबकि इसके अलावा जो दूसरे राज्यों से वाहन आते हैं और वह यहां पर यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं ऐसे वाहन चालक को ट्रैफिक पुलिस डाटा न होने के कारण चालान नहीं भेज पा रही है।

किस तरह के आ रहे हैं नंबरी चालान
अधिकतर नंबरी चालान ट्रैफिक लाइटों की उल्लंघन करने, नो पार्किंग और जेब्रा क्रासिंग को नियमों के तहत पार न करने के आ रहे हैं।

ट्रैफिक पुलिस के अनुसार सीसीटीवी के माध्यम से कैद हुए 175 वाहनों के प्रतिदिन चालान भेजे जाते है जबकि 50 चालान वह भेजे जाते हैं जिनका नंबर पुलिस की ओर से नोट किया जाता है।

गिरफ्तारी तक हो सकती है
पुलिस के अनुसार जो घर पर आए नंबरी चालान को नहीं भुगते हैं वह चालान एक माह बाद अदालत में भेज दिए जाते है और उसके बाद भी चालक भुगतने के लिए नहीं आता है तो उसे समन जारी किया जाता है। अगर इसके बावजूद चालक अदालत ने आते है तो उसकी गिरफ्तारी के आदेश भी हो सकते हैं।
विज्ञापन


एसएसपी ट्रैफिक मनीष चौधरी का कहना है कि  जिन चालानों पर पुलिस के पास कोई दस्तावेज जब्त नहीं होते हैं वह चालान ई संपर्क सेंटर में भुगते जा सकते हैं।

उनका कहना है कि चालान न भुगतने की स्थिति में गिरफ्तारी तक होने की भी प्रक्रिया है। उनका कहना है कि सीसी टीवी कैमरे पूरी तरह से नियमों को तोड़ने वालों पर नजर रखे हुए हैं। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें