मोहाली में अब जल्द ही अत्याधुनिक मशीनों से सफाई करवाई जाएगी। नगर निगम ने इसके लिए टेंडर अलॉट कर दिया है। मोहाली पंजाब का पहला शहर बन जाएगा, जहां मशीनों से सफाई करवाई जाएगी।
नगर निगम द्वारा पिछले साल दिया गया सफाई का ठेका 31 जुलाई को खत्म हो रहा है। इससे काफी पहले ही निगम ने नए ठेके के लिए टेंडर लगा दिए थे। नए ठेकेदार को एक अगस्त से जिम्मेदारी संभालने की हिदायत दी गई है।
नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर कमलकांत गोयल ने कहा कि नए ठेकेदार को काम संभालने को कहा गया है। इस समय सात सौ सफाईकर्मी काम कर रहे हैं। फिलहाल उनके जरिए सफाई का काम मैनुअली कराया जाएगा। पांच अगस्त से मशीनों के जरिए सफाई का काम शुरू होगा।
सफाई व्यवस्था में कोई भी रुकावट नहीं आने दी जाएगी। गौरतलब है कि नगर निगम ने पिछले साल सफाई का ठेका सात करोड़ में दिया था। पिछले टेंडर की शर्तों में ठेकेदार ने निगम को सफाईकर्मी मुहैया करवाए थे। सफाई का काम निगम के इंस्पेक्टरों की देखरेख में होता था। पर नए ठेके में मशीनों से सफाई होनी है, इसलिए यह 11 करोड़ में दिया गया है।
इसमें सफाई का पूरा काम एक ही कंपनी को दे दिया गया है। ठेकेदार अपने सफाईकर्मी नियुक्त करेगा। निगम के इंस्पेक्टर सिर्फ निरीक्षण करेंगे। इस ठेके में मशीनों से सफाई के साथ-साथ फुटपाथों की धुलाई भी करवाई जाएगी।
न मशीन आई, न हुआ ट्रायल
मशीनों से सफाई शुरू होने से पहले ही इस पर सवाल उठने लगे हैं। पार्षद कुलजीत बेदी ने कहा कि न तो अब तक मशीनें आई हैं और न ही उनका ट्रायल लिया गया। निगम को चाहिए था कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शहर के एक सेक्टर में सफाई का काम मशीनों से करवाता।
कामयाब होने के बाद पूरे शहर में लागू किया जाता। मोहाली में सड़कों की चौड़ाई, लेवल, कर्व चैनलों का लेवल ऐसा है नहीं कि यहां मशीनों से सफाई करवाई जा सके। टेंडर में लिखा है कि फुटपाथों की धुलाई होगी। उसके लिए पानी कहां से आएगा, इसका भी कुछ नहीं पता। यह प्रोजेक्ट पूरी तरह फ्लॉप होगा।
मुलाजिम दे चुके हैं हड़ताल की धमकी
सफाई मुलाजिम शुरू से ही मशीनों से सफाई के खिलाफ हैं। पिछले दिनों पंजाब सफाई मजदूर फेडरेशन ने चेतावनी दी थी कि अगर शहर में मशीनों से सफाई करवाई गई तो वे 29 से सफाई व्यवस्था ठप कर देंगे। लेकिन इस दौरान निगम कमिश्नर उमाशंकर गुप्ता ने बैठक कर उन्हें भरोसा दिया कि सरकार से बातचीत होने तक मशीनों से सफाई नहीं करवाई जाएगी। इसके बाद हड़ताल टाल दी गई थी।
नगर निगम ने यदि मशीनों से सफाई की तो बड़ी संख्या में सफाई कर्मी बेरोजगार हो जाएंगे। इसके विरोध में जोरदार संघर्ष किया जाएगा। किसी भी हालत में शहर में मशीनों से सफाई नहीं होने दी जाएगी।
पवन गोडयाल, नेता, पंजाब सफाई मजदूर फेडरेशन