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Pics: 30 लाख की लागत, 221 फुट की उंचाई और एक मिनट में राख हो गया दुनिया का सबसे बड़ा रावण

Wed, 09 Oct 2019 12:11 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : अमर उजाला
30 लाख रुपये की लागत से बना 221 फीट ऊंचा दुनिया का सबसे बड़ा रावण महज एक मिनट में जलकर राख हो गया। रावण के इस पुतले को जलते देखने का क्रेज पटाखों के शोर के बीच देखते ही देखते खत्म हो गया। मंगलवार शाम 6 बजकर 50 मिनट पर रिमोट के जरिए पंजाब के गवर्नर व चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने धनास के गड्ढा ग्राउंड में रावण का दहन किया। 
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- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान रावण के इको-फ्रेंडली होने के दावा भी धुआं मात्र ही साबित हुआ। रावण के जलने के बाद उससे उठा धुआं आसमान से काफी दूर तक दिखाई दिया। वहीं, पटाखों की आवाज भी बेहद तेज रही। 221 फीट के रावण को देखने के लिए पंजाब और हरियाणा से ही नहीं बल्कि बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से भी लोग पहुंचे। 
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जानकारी के अनुसार, धनास में 221 फीट के रावण के देखने के लिए करीब 80 हजार लोग पहुंचे। इनमें ज्यादातर संख्या चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के लोगों की रही। धनास में अतिथियों के संबोधन के बाद रावण दहन का कार्यक्रम हुआ। 221 फीट ऊंचा रावण जोरदार धमाके के साथ जला। पटाखों की आवाज काफी तेज रही।

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- फोटो : अमर उजाला
आवाज की वजह से पैदा हुई कंपन को लोगों ने अपने घरों में भी महसूस किया। नीचे खड़े लोग जय श्री राम के नारे लगा रहे थे। धनास में मेघनाद व कुंभकरण का पुतला नहीं जलाया गया, इसके पीछे कमेटी का तर्क रहा कि वहां पर अतिरिक्त स्थान उपलब्ध नहीं था।
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- फोटो : अमर उजाला
रावण को जलता देखने के लिए एक साथ हजारों लोग धनास पहुंचे, जिसकी वजह से धनास जाने वाले सभी रास्तों पर लंबा जाम लग गया। धनास के स्मॉल प्लैट्स के अंदर जाने वाले रास्तों पर रावण जलने के तीन घंटे बाद तक जाम लगा रहा।
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- फोटो : अमर उजाला
सबसे पहले छत्र में ब्लास्ट, सबसे देर तक चेहरा जला
221 फीट का रावण का दहन रिमोट कंट्रोल के जरिए किया गया। इसके लिए पुतले में 20 प्वाइंट बनाए गए थे। सबसे पहला ब्लास्ट रावण के छत्र में हुआ। उसके बाद ताज और फिर अलग-अलग हिस्सों में धमाका हुआ। इसके बाद रावण के बायीं और दायीं ओर ब्लास्ट हुआ। इसके बाद चेहरे में ब्लास्ट हुआ। चेहरे के बाद तलवार और नाभी में ब्लास्ट हुआ। आखिर में जूते में ब्लास्ट हुआ।
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- फोटो : अमर उजाला
जूते में चार प्वाइंट लगाए गए थे, जहां ब्लास्ट हुआ। कुछ इस तरह के रावण का पूर्ण रूप से अंत हुआ। 221 फीट का रावण एक मिनट में जल गया। रावण की मूछें काफी देर तक जलती रही, इसके बाद वह टूट कर नीचे भी गिर गई। रावण के चेहरे पर आग सबसे देर तक रही। रावण जलने के कुछ देर बाद भी पटाखों की आवाज आती रही।

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- फोटो : अमर उजाला
नहीं जला मुकुट, तलवार व ढाल
पूरा रावण जल गया लेकिन मुकुट, तलवार व ढाल नहीं जला। इसके पीछे कारण रहा कि यह सभी लोहे से बने थे। 221 फीट के रावण की तलवार 55 फीट की थी, जबकि ढाल 12 फीट की परिधि में था। तलवार का वजन 2 क्विंटल था। इसे लोहे से बनाया गया था, इसलिए पूरा रावण जल गया लेकिन यह नहीं जल पाए।

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- फोटो : अमर उजाला
अस्थियां लेने बैरिकेड पार कर घुसे लोग
रावण के पुतले को बनाने में 30 क्विंटल लोहा और 20 क्विंटल से ज्यादा बांस का प्रयोग किया गया था। मंगलवार को रावण के जलने के बाद मान्यता के अनुसार लोग अस्थियां लेने के लिए बैरिकेड को पार करने की कोशिश करने लगे, जिन्हें मौके पर मौजूद सिक्योरिटी के स्टॉफ ने रोका। हालांकि रावण के जलने से पहले भी स्टेज से अपील की जाती रही कि रावण के जलने के बाद कोई भी अस्थियां लेने का प्रयास न करें, बावजूद इसके लोग माने नहीं और बैरिकेड को पार करने का प्रयास किया।

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ड्रोन को लेकर गवर्नर की सिक्योरिटी और पुलिस में संशय
शाम 6 बजकर 20 मिनट पर रावण के आस पास ड्रोन उड़ने लगा। इसी समय स्टेज से गवर्नर वीपी सिंह बदनौर के आने की घोषणा होने लगी। गवर्नर सिक्योरिटी की टीम जब स्टेज पर पहुंची तो वह वहां पर ड्रोन उड़ता देख हैरान रह गई।
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- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने तुरंत आयोजकों से ड्रोन को नीचे उतारने की बात कही। इसके बाद स्टेज से अनाउंस किया किया गया कि जो कोई भी व्यक्ति ड्रोन को उड़ा रहा है, वह तुरंत इसे नीचे उतारे और स्टेज के पास मौजूद डीएसपी से आकर मिले।इसके बाद भी करीब 5 मिनट तक ड्रोन उड़ता रहा।
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स्टेज से फिर घोषणा की गई कि अगर ड्रोन को वापस नहीं उतारा तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके कुछ मिनट बाद घोषणा करने वाले व्यक्ति को जानकारी दी गई कि रावण के आसपास उड़ने वाला ड्रोन चंडीगढ़ पुलिस का ही है, जिसे सिक्योरिटी के लिए उड़ाया जा रहा है। हालांकि गवर्नर प्रोटोकॉल के चलते ड्रोन को नीचे उतार लिया गया।
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  • 2500 मीटर जूट के मैट का प्रयोग होने के अलावा 24 फुट के 500 बांस का प्रयोग हुआ था।
  • रावण का चेहरा फाइवर ग्लास से बनाया गया था।
  • रावण के चेहरे का वजन साढ़े तीन क्विंटल था।
  • तलवार 55 फुट और जूते 40 फुट के थे।
  • ताज की ऊंचाई 70 फुट थी।
  • विशेष पटाखों से आतिशबाजी हुई। इनसे 80 प्रतिशत कम प्रदूषण हुआ।
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