शराब के ठेके के विरोध में स्कूल नहीं जाएंगी छात्राएं
- फोटो : File Photo
मामला हरियाणा का है, जहां गांव भुंगारका में शराब का ठेका न हटाने पर रविवार को क्षेत्र छात्राओं ने सोमवार से स्कूल न जाने का निर्णय लिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर वे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को बंद करने का आह्वान करेंगी।
लोगों ने बताया है पिछले करीब चार साल से भुंगारका पंचायत की सीमा में शराब बिक्री केंद्र बंद हैं। लेकिन 5 अप्रैल को दुबारा शराब का ठेका मंजूर कर दिया गया। सूचना मिलते ही सड़क मार्ग पर शरारती तत्वों का आवागमन बढ़ गया।
6 अप्रैल की दोपहर स्कूल से घर जा रही छात्राओं के साथ शरारती तत्वों ने असभ्य बर्ताव किया। विरोध करने पर उन्होंने परिणाम भुगतने का अल्टीमेटम दिया। रोती हुई घर पहुंची छात्राओं ने परिजनों को आपबीती सुनाई। जिससे आक्रोशित अभिभावकों ने भुंगारका के लोगों को स्थिति से अवगत कराया।
लिखेंगी पीएम-सीएम को चिट्ठी
शराब के ठेके के विरोध में स्कूल नहीं जाएंगी छात्राएं
रविवार को छात्राओं ने कहा कि सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान चला रखा है। स्कूलों के इर्द-गिर्द शरारती तत्वों पर निगरानी के निर्देश हैं। लेकिन रास्तों में सुरक्षा के प्रबंध नहीं। स्कूल के मुख्य मार्ग पर शराब की दुकान मंजूर कर दी गई। जिससे बेटियों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया। वे समाधान को लेकर प्रधानमंत्री, सीएम व शिक्षा मंत्री को पत्र लिखेंगी। सुनवाई नहीं होने पर बेटी पढ़ाओ अभियान बंद करने की गुहार लगाएंगी।
ग्रामीणों ने बताया कि ठेका मंजूरी के प्रस्ताव में आठ पंच, एक सरपंच के हस्ताक्षर हैं। जिनमें चार पंचों ने शपथ पत्र देकर सरपंच पर फर्जी हस्ताक्षर करने के आरोप लगाए हैं। इसलिए प्रशासन को ठेका तुरंत बंद करना चाहिए तथा सरपंच के खिलाफ कार्रवाई हो। जिसने झूठ बोलकर तनाव बढ़ाया है।
एसएचओ शफीउद्दीन ने बताया कि ग्रामीणों की तरफ से भी शिकायत मिल चुकी। विडियो क्लिप देखकर निष्पक्ष जांच की जाएगी। किसी भी निर्दोष को मामले में नहीं फंसाया जाएगा।