पठानकोट हमले के बाद चंडीगढ़ प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए प्रशासन कमियों को दुरुस्त करने में जुट गया है।
शहर के अलग-अलग हिस्सों में लगे 32 हाई अलर्ट के सायरनों को ऑटोमेटिक करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अभी तक ये सायरन मेनुअली ऑपरेट किए जाते थे। हालत यह होती थी कि घटना घट जाती थी और सायरन बज ही नहीं पाते। अब इसे ऑटोमेटिक सिस्टम से जोड़ा जाएगा, ताकि किसी भी खतरे को भांपते हुए लोगों को समय रहते अलर्ट किया जा सके।
खासकर आतंकी गतिविधियों में जान माल की हानि रोकी जा सके। सालों पहले किसी भी खतरे से निपटने के लिए शहर में अलग-अलग स्थानों पर 32 हाई अलर्ट सायरन लगाए गए थे, लेकिन जिस मकसद से यह लगाए गए थे वह पूरा नहीं हो पाया। हालत यह है कि शायद ही कोई आम आदमी इन सायरनों के बारे में जानता हो।
रेडियो से किया जाएगा जागरूक
हाई अलर्ट सिस्टम को ऑटो करने के बाद इसका प्रचार-प्रसार रेडियो के जरिए किया जाएगा। बाकायदा इसके लिए अलग-अलग आकर्षक जिंगल बनाए जाएंगे, जो एफएम रेडियो पर सुनाई देंगे। इसके लिए प्रशासन ने पिछले सप्ताह एफएम रेडियो के प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग भी की है।
ऐसे करेंगे काम
यह हाई अलर्ट सायरन आपदा और आगामी खतरे की सूचना के बाद तुरंत बजेंगे। आपदा और खतरा सायरन बजने के समय पर आधारित होगा। इसका समय मिनट के हिसाब से तय होगा।
एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन को प्राथमिकता
इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बम की अफवाह ने अफरा-तफरी मची रही। इसके बाद डॉग स्क्वायड टीम ने चप्पा-चप्पा छान मारा। इससे पहले रेलवे स्टेशन पर भी कई बार ऐसा हो चुका है। प्रशासन ऐसे व्यस्त रहने वाले स्थानों को खासकर प्राथमिकता देगा।