गर्मी की वजह से जून में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही थी। 1 जून को अधिकतम मांग 257 मेगावाट था, वहीं 13 जून को यह 465 मेगावाट तक पहुंच गई थी। हवाएं चलने से मौसम कुछ ठीक हुआ तो मांग में भी इसका असर दिखा। पिछले दिनों मांग ज्यादा होने से शहर में कई जगह फॉल्ट की वजह से कट लगने लगे थे। खासकर रात के समय अगर कहीं बिजली कट लग रहे थे तो तीन से चार घंटे तक परेशानी रहती थी। बिजली विभाग के अनुसार पिछले पांच वर्षों में बिजली की मांग में 24 फीसदी की वृद्धि हुई है। वर्ष 2020 में यह मांग 374 मेगावाट थी, जो इस साल 465 मेगावाट तक पहुंच गई। बताया जा रहा है कि पुराने ट्रांसमिशन नेटवर्क की वजह से यह वृद्धि सिस्टम के लिए चुनौती बन गई है।