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बड़ा खुलासाः अब पंजाब का बचपन नशे की चपेट में, इस वजह से मांएं नहीं पिला रही अपना दूध

Wed, 12 Sep 2018 09:53 AM IST
अनिल कुमार, अमर उजाला, फिरोजपुर (पंजाब)
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सांकेतिक तस्वीर
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पंजाब के कई गांवों में बड़ी संख्या में महिलाएं हेरोइन का सेवन कर रही हैं। हेरोइन का सेवन करने वाली कई महिलाएं अपने नवजात बच्चे को अपना दूध भी नहीं पिला पा रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि नवजात को दूध पिलाया तो उसकी जान को खतरा हो सकता है। फिरोजपुर के नशा मुक्ति केंद्र में इलाज के लिए एक माह के भीतर हेरोइन की शिकार पांच महिलाएं आ चुकी हैं। एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया है। डॉक्टरों ने महिला को खुद का दूध पिलाने से मना किया है। ऐसी महिलाओं की गिनती सूबे में बढ़ती जा रही हैं। 
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सिविल अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि हेरोइन का सेवन करने वाली महिलाएं अपने नवजात बच्चे को अपने दूध से वंचित रख रही हैं, हेरोइन का सेवन करने वाली महिला यदि अपने नवजात बच्चे को दूध पिलाती है तो उसका असर नवजात के शरीर पर भी होगा। इससे बच्चे की जान को खतरा है। महिलाओं के हेरोइन का सेवन करने से डॉक्टर भी हैरान हैं। सिविल अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. रचना मित्तल ने बताया कि हेरोइन का सेवन करने वाली महिलाएं भी अस्पताल में पहुंच रही हैं। 

कई महिलाओं ने नवजात को जन्म दिया है, हेरोइन का सेवन करने वाली महिलाओं को खुद का दूध नवजात को पिलाने से मनाही की है, क्योंकि दूध के जरिए नवजात के शरीर में भी हेरोइन का असर जाएगा। ऐसी स्थिति में बच्चे की जान खतरे में पड़ सकती है। डा. मित्तल ने कहा कि हेरोइन का नशा सबसे खतरनाक है। ऐसे नशे से महिलाओं को बचना चाहिए।
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 कई महिलाओं को उनके साथी ही हेरोइन के नशे की लत डाल देते हैं, जिस कारण महिलाएं हेरोइन के नशे की आदी हो जाती हैं। डा. मित्तल ने कहा कि नशे के खिलाफ युवाओं को जागरूक करने की जरूरत है। उधर, सिविल अस्पताल के चाइल्ड स्पेशलिस्ट डा. बलदेव राज अरोड़ा का कहना है कि हेरोइन का सेवन करने वाली महिला को नवजात बच्चे को खुद का दूध नहीं पिलाना चाहिए। ऐसी स्थिति में दूध के जरिये हेरोइन का असर बच्चे के शरीर में जाकर हानिकारक होता है। कई बार बच्चे का दिमाग सुन हो जाता है। बच्चे की ग्रोथ नहीं होती है। बच्चा अधिक देर तक सोने लगता है। बच्चे का दिमाग काम करना बंद कर देता है।
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