विजिलेंस ब्यूरो ने सोमवार को डीएसपी सिटी-वन के रीडर को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों डीएसपी के दफ्तर से ही काबू कर लिया। रीडर ने एक केबल का काम करने वाले व्यक्ति से उसे एक लड़ाई-झगड़े के केस में निर्दोष साबित कराने के लिए रिश्वत मांगी थी। विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी रीडर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
विजिलेंस ब्यूरो के पास केबल का काम करने वाले सुदर्शन कुमार निवासी मारकल कालोनी पटियाला ने शिकायत दी थी कि उसके खिलाफ थाना कोतवाली में धारा 452, 356, 323, 427, 148, 149, 506 आईपीसी के तहत केस दर्ज हुआ था। इस केस में अपनी बेगुनाही संबंधी डाली दरख्वास्त की पड़ताल करके निर्दोष साबित करने के एवज में डीएसपी सिटी वन के रीडर हवलदार सुखविंदर सिंह ने शिकायतकर्तासे 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
इस सूचना के आधार पर विजिलेंस ब्यूरो के इंस्पेक्टर रणधीर सिंह की अगुवाई में गई टीम ने डीएसपी सिटी वन के दफ्तर से ही उनके रीडर सुखविंदर सिंह को 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू कर लिया। इस मौके पर शैडो गवाह सुशील नैयर निवासी मारकल कालोनी रहे। जबकि सरकारी गवाह डॉ. बिक्रमजीत सिंह वेटरिनरी अफसर और चंद्र शेखर वेटरिनरी इंस्पेक्टर रहे। आरोपी रीडर को पकड़ने गई टीम में सब इंस्पेक्टर प्रितपाल सिंह और एसआई रवि कुमार आदि शामिल रहे।