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बीच सड़क पुलिस की गुंडागर्दी: पत्नी के हेलमेट न पहनने पर डीएसपी ने नर्सिंग अफसर को पीटा

Sun, 15 Sep 2019 12:26 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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सेक्टर 22 में शिवनाथ की डीएसपी से बहस होती हुई। - फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ सेक्टर-22 लाइट प्वाइंट पर शनिवार सुबह करीब 11 बजे अचानक हंगामा शुरू हो गया। बाइक सवार नर्सिंग अफसर शिवनाथ ने आरोप लगाया कि बाइक सवार पत्नी के हेलमेट न पहनने पर डीएसपी एसपीएस सोंधी ने उनसे अभद्रता की और उनका गला दबाकर नाक पर मुक्का मार दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गए हैं। 

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मामला पुलिस तक पहुंचा तो महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पुलिस पहुंची ने काफी हंगामे के बाद शिवनाथ को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद डीएसपी सोंधी और घायल शिवनाथ का जीएमएसएच-16 में मेडिकल करवाया गया। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं घटना के बाद दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।

सारंगपुर निवासी शिवनाथ ने बताया कि वह पीजीआई में बतौर नर्सिंग अफसर के पद पर तैनात हैं। शनिवार सुबह करीब 11 बजे वह पत्नी के साथ सेक्टर-22 स्थित स्कूल से बच्चों को लेकर वापस घर लौट रहे थे। इस दौरान उनकी पत्नी ने हेलमेट नहीं पहना था। सेक्टर-22 किरण सिनेमा लाइट प्वाइंट पर पहुंचे तो अचानक लाइट रेड हो गई। 

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उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान वहां से गुजर रहे सेंट्रल डीएसपी एसपीएस सोंधी ने बोला कि ‘तुम लोग सुधरोगे नहीं, चल बाइक साइड में लगा’ इतना कहते हुए वह गाड़ी से नीचे उतरकर उनसे अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगे। जैसे ही उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ मौजूद दो अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें दबोच लिया और डीएसपी ने गला दबाते हुए मुंह पर मुक्का मारना शुरू कर दिया। इससे उनकी नाक पर गंभीर चोट लगी और खून निकलने लगा। इस बीच पत्नी ने बीचबचाव किया तो उसके साथ भी धक्का मुक्की की। यह देख उनके दोनों बच्चे जोर-जोर से रोने लगे। वहीं, आसपास के लोगों ने बीचबचाव किया तो बमुश्किल उन्हें छोड़ा गया।  

हेलमेट का चालान काटते, मारा क्यों : पत्नी
पीड़ित शिवनाथ की पत्नी ने बताया कि उनके साथ बहुत गलत हुआ है। माना कि हमने ट्रैफिक नियम तोड़ा है तो हमारा चालान काटना चाहिए न कि मेरे पति की इस तरह सरेआम पिटाई की जानी चाहिए। अगर वहां पर पब्लिक न आती तो शायद और ज्यादा दिक्कत हो जाती। ऐसे में अगर चंडीगढ़ पुलिस का ऐसा ही लोगों से बर्ताव करेगी तो शहरवासियों पर क्या असर पड़ेगा।   

पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप 
इस बात की सूचना जब पीजीआई के अन्य कर्मचारियों को पता लगी तो वह जीएमएसएच-16 पहुंच गए। इस दौरान उनके और पुलिस के बीच सही ढंग से कार्रवाई न करने के चलते कहासुनी भी हुई। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस उनकी एक नहीं सुन रही है और सही ढंग से कार्रवाई करने के बजाए, उन पर समझौता करने का दबाव डाल रही है।   
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डीजीपी के घर पहुंचा नर्सिंग यूनियन 

पीजीआई, जीएमएसएच-16 जीएमसीएच-32 अस्पताल के नर्सिंग यूनियन के सदस्य पहले तो डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर डीजीपी के घर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने सेक्टर-17 पुलिस स्टेशन का घेराव भी किया। इस दौरान डीएसपी कृष्ण कुमार ने खुद शिवनाथ के बयान दर्ज किया। उधर डीएसपी सोंधी को शाम को सेक्टर-22 पुलिस चौकी में बिठाए रखा गया। 

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो 
मामला इस कदर बढ़ गया कि मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठा होनी शुरू हो गई। इसके बाद देखते ही देखते लंबा जाम भी लग गया। इस दौरान ज्यादातर लोगों ने अपने मोबाइल पर सारा वाक्या रिकॉर्ड करते हुए नजर आए। इसके बाद दिनभर हंगामे की वीडियो सोशल मीडिया पर छाया रहा।
  
यदि 24 घंटे के अंदर डीएसपी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो तीनों अस्पताल की नर्सिंग एसोसिएशन प्रदर्शन करेगी। गवर्नर से मिलने का प्रयास कर रहे हैं, यदि हड़ताल पर जाने पर विचार कर रहे हैं। सतवीर डागर, जनरल सेक्रेटरी पीजीआई नर्सिंग एसोसिएशन
 
सेक्टर-29 ट्रैफिक लाइन मीटिंग में जा रहा था। सेक्टर-22 लाइटों के पास पहुंचा तो एक बाइक पर दो बच्चे, व्यक्ति व एक महिला बिना हेलमेट के सवार थे। उन्हें कागजात दिखाने को कहा तो व्यक्ति ने इंकार कर दिया और मुझसे उलझ पड़ा और देखते ही देखते मेरा कॉलर पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। काफी बीचबचाव के बावजूद वह छोड़ने को तैयार नहीं था। अगर वह व्यक्ति ऐसा आरोप लगा रहा है तो वह बेबुनियाद है। -एसचीएस सोंधी, डीएसपी सेंट्रल ट्रैफिक 
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