पंजाब में ड्रग्स तस्करी का मुद्दा हमेशा सुर्खियों में रहा है। चरस और अफीम को पाकिस्तान और अफगानिस्तान से लाकर भारत में सप्लाई किया जाता है, जबकि राजस्थान के रास्ते से भुक्की पंजाब में पहुंचती है।
लोकसभा चुनाव के दौरान नेताओं द्वारा इसे मुद्दा बनाए जाने के बाद राज्य में ड्रग तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। प्रदेश में छोटे-बड़े ड्रग्स तस्करों, पेडलरों की धरपकड़ चल रही है। वहीं कई पुलिसकर्मियों के तस्करों के साथ संबंध का भी खुलासा हुआ है।
पंजाब की भौगोलिक स्थिति नशे का मुख्य कारण
प्रदेश पुलिस की कोशिश गली-मोहल्ले में बैठे पेडलरों को दबोचकर ड्रग्स के जाल को समूल नष्ट करने की है, लेकिन इसकी असल जड़ तो पंजाब की भौगोलिक स्थिति है। इससे सटी पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय और राजस्थान की अंतरराज्यीय सीमाएं ड्रग्स तस्करी का आसान जरिया हैं।
जहां अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए पाकिस्तान व अफगानिस्तान से हेरोइन, स्मैक, अफीम आदि की तस्करी होती है, वहीं राजस्थान से सटी सीमा के रास्ते भुक्की की। इस मामले को पिछले काफी समय से उठाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद समस्या ज्यों कि त्यों बनी हुई है।
राजस्थान के रास्ते पंजाब में पहुंचती है भुक्की
भले ही पंजाब से लगती पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कंटीली तार लगी है, लेकिन तस्करों ने इसमें से भी रास्ते निकाल लिए हैं। हालांकि, इस सीमा पर बड़ी तादाद में हेरोइन, स्मैक आदि पकड़ी जाती रही हैं, लेकिन फिर भी इसके जरिए नशा पंजाब पहुंच ही जाता है।
दूसरी ओर, राजस्थान में चूरा-पोस्त (भुक्की) की लाइसेंसी खेती होती है। यह खेती विभिन्न दवा कंपनियों के लिए होती है। हालांकि, विभिन्न एजेंसियां पूरी नजर रखती हैं कि पूरा उत्पाद कंपनियों को ही जाएं, लेकिन तय सीमा से अतिरिक्त फसल स्मगल होकर पंजाब पहुंच जाती है, क्योंकि यहां इसके अधिक दाम मिलते हैं। इस कारण पंजाब में ड्रग्स की जड़ें लगातार गहरी होती जा रही हैं।
चुनाव के दौरान मोदी ने भी उठाया था मुद्दा
चुनाव के दौरान 23 फरवरी 2014 की जगरांव रैली में बोलते हुए मोदी ने कहा था कि पंजाब में ड्रग्स पाकिस्तान से आता है। केंद्र को पाकिस्तान से ड्रग्स की तस्करी के संबंध में सीमा पर तैनात अधिकारियों को जवाबदेह बनाना चाहिए, ताकि पंजाब के युवकों को इसके प्रकोप से बचाया जाए।
हरसिमरत ने केंद्र को ठहराया था जिम्मेदार
लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने ‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में कहा था कि ड्रग्स या तो पाकिस्तान से आ रहे हैं या फिर राजस्थान से। दोनों के लिए केंद्र सरकार ही जिम्मेदार है।
एनडीए सरकार बनने पर अंतरराष्ट्रीय सीमा को पूरी तरह सील किया जाएगा, ताकि पाक से ड्रग्स न आ सकें। राजस्थान से आने वाली भुक्की आदि पर नकेल कसने के लिए भी कारगर कदम उठाए जाएंगे।
अब केंद्र में एनडीए की सरकार बन चुकी है और इंतजार है, उन कदमों का जिन्हें उठाने की बात गठबंधन के यह प्रभावशाली नेता प्रचार के दौरान कर रहे थे।
नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान जारी
प्रदेश में नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान लोकसभा चुनाव के दौरान ही शुरू हो गया था। चुनाव के दौरान अवैध शराब सहित करीब 800 करोड़ रुपये के नशीले पदार्थ पकडे़ गए।
इस दौरान सबसे अधिक 778.77 करोड़ की हेरोइन ,16.81 करोड़ की अवैध शराब पकड़ी गई। 20 मई से नशीले पदार्थों के खिलाफ शुरू हुआ अभियान अब भी जारी है।