चंडीगढ़। स्कूलों के नजदीकी बाजारों में बिक रहा नशा बच्चों को अपनी चपेट में ले रहा है। शहर के एक स्कूल से बुधवार को ही शिक्षिका ने नौवीं कक्षा के छात्र के पास ई-सिगरेट पकड़ी थी। स्कूल ने बताया कि साथ के बाजारों में ही बच्चों को आसानी से नशीले पदार्थ मिल जाते हैं। दुकानों पर बच्चों द्वारा नशीले पदार्थ खरीदने को लेकर कोई रोक नहीं है, जिससे इसे बढ़ावा मिला है।
सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 की धारा 6 के अनुसार किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 गज की परिधि के भीतर नशीले पदार्थ खरीद और बेच नहीं हो सकती। वहीं 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को सिगरेट, तंबाकू व अन्य उत्पादों को बेचना गैर-कानूनी है। जबकि चंडीगढ़ के कॉलोनी और गांवों के स्कूलों के पास तंबाकू, गुटखा, सिगरेट सरेआम बिक रहा है। सरकार के नियम सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। जमीनी धरातल पर स्कूलों के बाहर दुकानों पर ही बच्चों को नशा बेचा जा रहा है।
परिजनों की निगरानी की कमी के कारण बच्चों में बढ़ रहा नशा : बच्चों में बढ़ते नशे का कारण परिजनों की बच्चों पर निगरानी का कम होना है। जब किसी बच्चे के पास को नशीला पदार्थ पकड़ा जाता है या स्कूल को शक होता है तो बहुत बार अभिभावक बैठक में आते ही नहीं हैं। पेरेंट्स-टीचर बैठक में भी बहुत कम अभिभावक शामिल होते हैं। - परवीन कुमार, हेड, जीएमएचएस-22
स्कूलों के बाहर गलत संगत में पड़ रहे छात्र: स्कूलों के अंदर तो शिक्षकों के साथ काउंसलर बच्चों की गतिविधियों का ध्यान रखते हैं। लेकिन स्कूलों से बाहर निकलते ही बच्चे कैसी संगत में रह रहे हैं, इस पर स्कूल ध्यान नहीं रख सकता है और जानकारी भी नहीं मिल पाती है। बहुत से बच्चे स्कूल के बाद नौकरी करते हैं, ऐसे में अगर वहां खराब माहौल है तो उसका असर भी बच्चे की मानसिकता पर पड़ता है और बच्चे को नशे की लत में धकेलता है। - सीमा रानी, प्राचार्य, जीएमएसएसएस-धनास
घरों व पास के माहौल का बच्चों पर पड़ रहा नकारात्मक प्रभाव: कॉलोनी क्षेत्र के साथ घरों के नकारात्मक माहौल का बच्चों पर असर पड़ता है। स्कूलों में बच्चों के लिए जागरूकता कार्यक्रम करवाने के साथ उन्हें कलात्मक गतिविधियों में लगवाए रखते हैं। लेकिन घरों और आस-पास के क्षेत्र में होने वाला अपराध और नशा बच्चों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है, इस पर सबको मिलकर काम करने की जरूरत है। - डॉ धर्मेंद्र, मुख्यध्यापक, जीएचएस रामदरबार
स्कूल के बाहर बच्चों पर निगरानी के लिए बनाएंगे व्यवस्था : बच्चे नशे का सेवन अक्सर स्कूलों के बाहर करते हैं, इसकी कई बार जानकारी भी मिलती है। इसके लिए चंडीगढ़ पुलिस के साथ मिलकर स्कूल के बाहर बच्चों पर निगरानी के लिए कोई व्यवस्था बनाएंगे, जिससे बच्चों का ध्यान रखा जा सके। - हरसु हिंदर पाल सिंह बराड़, स्कूल शिक्षा निदेशक