फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ड्रग्स और नकली करेंसी में फंसाने का मामला: हाईकोर्ट के वकील को भेजा जेल

Wed, 06 Jul 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
गिरफ्तार वकील - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
साजिशन एनडीपीएस और नकली करेंसी के साथ व्यक्ति को फंसाने के मामले में हाईकोर्ट के वकील को भेजा जेल। साजिश के तहत एनडीपीएस और नकली करेंसी के साथ व्यक्ति को फंसाने के मामले में गिरफ्तार हाईकोर्ट के वकील जतिन सालवान को मलोया पुलिस ने 3 दिन का रिमांड समाप्त होने से पहले ही मंगलवार को जिला अदालत में पेश कर दिया।
विज्ञापन


 पुलिस ने जतिन के हिस्से की जांच समाप्त होने और तबियत खराब होने को आधार बनाते हुए अदालत से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की अपील की। इस पर अदालत ने सलवान को न्यायिक हिरासत में बुड़ैल जेल भेज दिया। वहीं, मामले में आरोपी यूटी पुलिस का पूर्व इंस्पेक्टर तरसेम राणा पहले ही न्यायिक हिरासत में है। 

बता दें कि मलोया थाना पुलिस ने यूटी पुलिस के पूर्व इंस्पेक्टर तरसेम राणा, हाईकोर्ट वकील जतिन सालवान और लुधियाना निवासी नरेंद्र सिंह को मोहाली निवासी सुखबीर सिंह शेरगिल को एनडीपीएस और नकली करेंसी के मामले में फंसाने के लिए साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। 
विज्ञापन


हालांकि इसमें उनकी जगह उनका अकाउंटेंट भगवान सिंह फंस गया था। पुलिस ने जांच की तो मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। तीनों का एक-एक दिन का रिमांड समाप्त होने पर पुलिस ने तीनों का 5-5 दिन का रिमांड मांगा था। हालांकि कोर्ट ने तरसेम राणा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था और जतिन और नरेंद्र को 3-3 दिन के रिमांड पर भेज दिया था। 

इसके बाद मंगलवार को दा दिन का रिमांड समाप्त होने के बाद ही मलोया थाना पुलिस ने जतिन को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की अपील की। इस दौरान अदालत में जतिन के समर्थन में हाईकोर्ट और जिला अदालत के कई वकील भी मौजूद रहे। 

वकीलों ने रखा काम ठप 
हाईकोर्ट के वकील जतिन सालवान की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को जिला अदालत और केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) के वकीलों ने कामकाज ठप रखा। इस दौरान केवल चुनिंदा मामलों की सुनवाई में ही एडवोकेट अदालत में पेश हुए। अन्य मामलों में अदालत में तारीख बढ़ा दी। इससे मामलों की सुनवाई पर आने वाली आम पब्लिक को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें