चंडीगढ़। ड्रग्स तस्करों ने अब तस्करी का तरीका बदल दिया है। आरोपी नशा खरीदने वालों को मोबाइल पर लोकेशन और फोटो खींचकर भेज देते हैं। इसमें उन्हें बताया जाता है कि इस पेड़ या ईंट के नीचे सामान पड़ा मिलेगा। नशे के ग्राहक वहां जाकर उसे प्राप्त कर लेता है।
विडंबना यह है कि आम लोगों को ऐसे तरीकों की जानकारी हो जाती है, लेकिन पुलिस को न जाने क्यों इन तरीकों के बारे में पता नहीं चल पा रही। तभी तो शहर में ड्रग्स का कारोबार धड़ल्ले से हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के साउथ एरिया में अभी भी चिट्टे का कारोबार जोरों से चल रहा है पर पुलिस प्रशासन इस पर लगाम लगाने में सफल नहीं हो पा रहा है।
अमर उजाला ने स्टिंग ऑपरेशन से किए थे खुलासे, फिर भी कार्रवाई नहीं
अमर उजाला ने कई स्टिंग ऑपरेशन कर घरों से लेकर खुले मैदानों में पीने और बेचने वाले ड्रग्स के तस्करों का खुलासा किया था। इसके बावजूद पुलिस ने किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इस संबंध में जब पुलिस से पूछा गया तो जवाब मिला कि ड्रग्स तस्कर भागे हुए हैं।
अमर उजाला ने सेक्टर-56 में महिलाओं की ओर से घरों से हेरोइन बेचे जाने का खुलासा किया था। इसके अलावा शास्त्री नगर में नाबालिगों द्वारा खुलेआम हेरोइन के इंजेक्शन लगाए जाने का भी स्टिंग कर खुलासा किया था। इसके बाद पुलिस ने केवल खानापूर्ति करने के लिए अगले दिन यहां चेकिंग की और फिर यह मामला ठंडे बस्ते में बैठ गई।