राष्ट्रीय जांच एजेंसी (फाइल फोटो)
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कुख्यात तस्कर रणजीत सिंह राणा उर्फ चीता और उसके भाई गगनदीप सिंह उर्फ गगन से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पूछताछ करेगी। गुरुवार को अमृतसर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस मामले में आरोपियों की मोहाली अदालत में पेशी हुई। इस दौरान एनआईए ने अदालत को बताया कि चीता ही इस मामले का मुख्य सरगना है। ऐसे में आरोपी, आतंकवादी-ड्रग पेडलर्स नेक्सस की ओर से रची गई बड़ी साजिश का पता लगाने और फंडिंग से जुड़े कई मुद्दों की जांच की जानी है। यह नार्को टेरर फंडिंग का मामला है।
इस पर अदालत ने सभी पहलुओं को देखते हुए आरोपियों को 29 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान से आई 532 किलोग्राम हेरोइन तस्करी से जुड़े मामले में रणजीत सिंह चीता और गगनदीप को हरियाणा से पंजाब पुलिस और एनआईए की एक टीम ने गिरफ्तार किया था।
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चीता और गगनदीप दोनों 14 मई तक पंजाब पुलिस की हिरासत में थे। लेकिन मामला एनआईए को स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके बाद आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अदालत में पेश किया था। दोनों आरोपियों के वकील विजय गुप्ता ने पुलिस रिमांड का विरोध कर कहा था कि पहले ही आरोपियों से काफी पूछताछ हो चुकी है। पुलिस रिमांड की जरूरत नहीं है। अगर रिमांड की जरूरत है तो आरोपियों का हर 24 घंटे बाद मेडिकल होना चाहिए।
यह है मामला
यह मामला 29 जून, 2019 का है जब पाकिस्तान से अटारी बॉर्डर के जरिए नमक की खेप में 532 किलो हेरोइन बरामद हुई थी। इसकी जांच में कई लोग गिरफ्तार हुए थे। जिसमें दो कश्मीरी युवकों को भी गिरफ्तार किया गया था। पकड़े गए नशीले पदार्थों की कीमत करीब 2700 करोड़ रुपये बताई गई थी। इस मामले में एनआईए चार्जशीट पेश कर चुकी है। वहीं, अब केस का ट्रायल चल रहा है।