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पुलिसवाले को लगी नशे की ऐसी लत कि पत्नी-बहन के गहने बेच डाले, न मिले तो कहता- जान दे दूंगा मैं

Thu, 20 Jun 2019 11:25 AM IST
खुशबू गोयल अनिल कुमार, अमर उजाला, फिरोजपुर(पंजाब)
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नशे में जिंदगी बर्बाद करती युवा पीढ़ी - फोटो : demo pics
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पूर्व भाजपा विधायक का गनमैन रह चुका है, लेकिन अब नशे की ऐसी लत लगी कि पत्नी-बहन के गहने बेच डाले। नशा न मिले तो जान दे देने की बात कहता है।
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मामला पंजाब के फिरोजपुर का है। परिवार ने पुलिस मुलाजिम को अब एक नशा छुड़ाओ केंद्र में दाखिल कराया गया है। परिजनों का कहना है कि जब वह नशा न मिलने पर खुदकुशी करने की बात करता है, तब परिवार के लोग उसे खर्च के लिए पांच सौ रुपये दे देते हैं।

मुलाजिम की हालत इतनी दयनीय हो चुकी है कि उसे तीसरी बार नशा छुड़ाओ केंद्र में दाखिल कराना पड़ा है। जिंदगी-मौत के बीच जूझ रहे पुलिस मुलाजिम की यह हालत उसके अपने ही एक पुलिस कर्मी साथी ने की है, जो पुलिसगिरी के साथ ही नशा बेचने का काम भी करता है।
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नशा छुड़ाओ केंद्र में भर्ती कराने के बाद पुलिस मुलाजिम के पिता (60) ने बताया कि उसका बेटा अमृतधारी था। वह किसी भी प्रकार के नशे व दूसरी बुराइयों से कोसों दूर था। छह साल की सर्विस तक उसने नशे को हाथ तक नहीं लगाया था। वह फिरोजपुर के पूर्व भाजपा विधायक का गनमैन भी रह चुका है।

इसी दौरान बेटे की दोस्ती साथ में ड्यूटी करने वाले एक पुलिस मुलाजिम के साथ हो गई, जो नशा बेचता था और करता भी था। इसी मुलाजिम ने उनके बेटे को भी नशे की लत लगाई। नशे की लत में बेटा इस कदर डूब गया है कि अब नशा छोड़ने का नाम ही नहीं ले रहा। ड्यूटी से भी अकसर वह गायब रहता है, जिस कारण पिछले एक साल से उसे वेतन भी नहीं मिल रहा है।

पिता ने बताया कि नशे के लिए बेटे ने उनके पास रखे बेटी व बहू के गहने चुराकर बेच डाले। गहनों की चोरी वह छह महीने तक लगातार करता रहा और इसकी उन्हें खबर तक नहीं लगी। इस चोरी का खुलासा तब हुआ, जब ड्रग्स खरीदने के लिए उसने घर के सामान टीवी, फ्रिज, एसी, गाड़ी आदि बेच डाली।

उन्होंने बताया कि पांच साल का एक पोता है। ऐसे में चिंता सता रही है कि अगर बेटे ने आत्महत्या कर ली तो उनके परिवार का क्या होगा। वह खुद जमींदार हैं। उनके पास दस एकड़ जमीन ही बची है, लेकिन बेटे की नशे की लत के चलते उनकी आर्थिक हालत प्रतिदिन खराब होती जा रही है।

दो दिन पहले नशा छुड़ाओ केंद्र में उपचार के दौरान बेटे ने जूस पीने व फल खाने के लिए पैसे मांगे तो उन्होंने चार सौ रुपये दे दिए। उसी पैसों से दस मिनट में उसने केंद्र में ही नशे की डोज मंगवा ली और उसका सेवन भी कर लिया।
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ऐसी कोई जगह नहीं, जहां नशा न मिले

पिता के अनुसार, उनका गांव फिरोजपुर से 13 किलोमीटर दूर फाजिल्का रोड पर है। उनके गांव व नजदीकी बाजार में मेडिकल स्टोर, ब्यूटी पार्लर, नाई की दुकान, साइकिल की दुकान व अन्य दुकानों पर खुलेआम नशा बिक रहा है। नशे के यह सौदागर घरों तक भी नशा पहुंचा रहे हैं, जिससे गांव के अधिकांश नौजवान नशे के आदी हैं। उन्होंने बताया कि नशा बेचने में महिलाएं भी भूमिका निभा रही हैं।

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर फिरोजपुर के एसएसपी संदीप गोयल का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह भी यह स्वीकार करते हुए दिखाई दे रहे है कि हमारे ही पुलिस मुलाजिम नशा बेचने वालों के साथ मिले हैं। इसी कारण जिले में नशा खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। नशे के सौदागर बने पुलिस कर्मियों के खिलाफ वह सख्त कदम उठाने की बात भी कर रहे हैं।
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