सेक्टर-17 स्थित रजिस्टरिंग एंड लाइसेंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) में अपने नए वाहन का रजिस्ट्रेशन कराने या ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आने वाले लोगों की सुविधा के लिए आरएलए ने नई तरह के फार्म लांच किए हैं। आरएलए की सभी सेवाओं के लिए तैयार किए गए फार्मों के पहले पेज पर ही नए वाहन का रजिस्ट्रेशन कराने या ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की पूरी प्रक्रिया है।
साथ ही फार्म में लगने वाले दस्तावेजों की भी पूरी चेकलिस्ट है। जल्द ही यह सभी फार्म यूटी के परिवहन विभाग की ओर से लांच की जा रही वेबसाइट पर भी उपलब्ध होंगे। वेबसाइट पर फार्म आने के बाद लोगों को वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराने या लाइसेंस बनवाने के लिए रेडक्रास की फाइल नहीं खरीदनी होगी। यूटी प्रशासन के परिवहन विभाग की वेबसाइट को जल्द लॉन्च किया जाएगा।
आरएलए के अधिकारियों का मानना है कि बहुत से लोगों को यह मालूम नहीं होता है कि वाहन का रजिस्ट्रेशन कराने की क्या प्रक्रिया है या इसके लिए क्या-क्या दस्तावेज लगते हैं। अगर फार्म के पहले पेज पर ही विस्तार से यह जानकारी दे दी जाए तो लोग दलालों के चक्कर में नहीं पड़ेंगे।
इस संबंध में आरएलए कशिश मित्तल ने कहा कि नए फार्म से लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। वाहन का रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों को आवेदन फार्म के पहले पेज पर ही बता दिया जाएगा कि उन्हें वाहन का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए क्या क्या करना है। इसी तरह से लाइसेंस बनवाने की पूरी प्रक्रिया को बहुत ही आसानी से समझाया है।
आरसी, डीएल आएगा डाक से
आरएलए की ओर से अब लोगों की सुविधा के लिए उनके रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) या ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) को उनके घर डाक से भेजा जा रहा है। नए वाहन के रजिस्ट्रेशन या डीएल की फाइल जमा करने के बाद जब भी स्मार्ट कार्ड तैयार हो जाता तो उसे स्पीड पोस्ट से लोगों के घर भेज दिया जाता है।
डाक से आरसी या डीएल भेजने का उद्देश्य लोगों के एड्रेस का वेरीफिकेशन कराना है। आरएलए ने स्पष्ट किया है कि जो लोग फर्जी एड्रेस देते हैं या जिनका पता गलत निकलता है उनकी आरसी या डीएल रद कर दिया जाएगा।